राम मंदिर आंदोलन :
बड़ौत। राम मंदिर आंदोलन में 21 दिनों तक जेल में यातनाएं सहीं, लेकिन फिर भी मनोबल कम नहीं हुआ। आज वर्षों बाद मनोकामना पूरी हुई तो बहुत खुशी हुई।
शिव सेना के पूर्व मेरठ उपाध्यक्ष लाल बहार पंवार का कहना है कि वर्ष 1992 में राम मंदिर आंदोलन को लेकर 21 दिनों तक अब्दुलापुर मेरठ जेल मेें बंद रहा। जैसे ही जेल में बंद कार सेवक व अन्य कार्यकर्ता जय श्रीराम के नारे लगाते, पुलिस लाठियां बरसाती, लेकिन आज वर्षों बाद जाकर मनोकामना पूरी हुई है। उन्होंने बताया कि 28 नवंबर 1992 से लेकर 6 दिसंबर 1992 तक अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन में शामिल रहा। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री रविन्द्र राठी एडवोकेट ने कहा कि वर्ष 1989 से शुरू हुआ राम मंदिर आंदोलन आज जाकर पूरा हुआ। 1992 में चार दिनों तक अयोध्या राम मंदिर आंदोलन में शामिल रहा। इसके बाद वर्ष 2018 में रामलीला मैदान पर आरआरएस व विहिप के आह्वान पर हुई महारैली मेें बड़ौत से कार्यकर्ता लेकर दिल्ली पहुंचा। राम मंदिर निर्माणोत्सव से हर वर्ग खुश है।
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के जिला अध्यक्ष पंडित सचिन वत्स का कहना है कि आज का पल बहुत ही ऐतिहासिक पल है। जब भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण की नींव रखी गई।