पेड़ काटने के मामले की जांच शुरू
बड़ौत। मवीकलां गांव में खैर के कीमती काटने के मामले में वन विभाग ने एसडीओ को जांच सौंपी है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को मवीकलां गांव के अशोक आर्य के साथ आए ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पिछले कई माह से लगातार वन विभाग के वन रक्षक, स्थानीय दरोगा व बड़ौत के ठेकेदारों की मिलीभगत से अवैध पेड़ कटान कर रहे हैं। पिछले माह भी वन रक्षक ने गांव के जंगल में खड़े खैर की कीमत पेड़ों का अवैध कटान करा दिया। इससे लगातार क्षेत्र से हरियाली खत्म होती जा रही है, लेकिन बार-बार शिकायत किएं जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हंगामा बढ़ने की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी मदनपाल मौके पर पहुंचे और जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस समस्या को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इससे वन विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। एसडीओ वन विभाग कल्याण सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वन क्षेत्राधिकारी मदनपाल को जमकर लताड़ लगायी और इस प्रकरण की जांच पूर्व रेंजर बड़ौत राजपाल को सौंपी है। एसडीओ कल्याण सिंह का कहना था कि अवैध पेड़ कटान सहन नहीं किया जाएगा। प्रकरण की जांच वन क्षेत्राधिकारी राजपाल को सौंपी गयी है। मांग करने वालों में ओमपाल, हरेन्द्र, सत्यवीर, जयवीर, प्रेमपाल, सुरेन्द्र, प्रमोद, धर्मेन्द्र, संजीव, नीटू, प्रवीण शामिल रहे।