अग्रवाल मंडी टटीरी। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने सरकार से एक देश एक टैक्स की मांग करते हुए मंडी शुल्क को समाप्त करने की मांग की है। मंडल के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में 1964 में कृषि उत्पादन मंडी शुल्क लागू हुआ था। उस समय इसकी दर 25 पैसे से 50 पैसे प्रति सैकड़ा थी, जो अब दो प्रतिशत हो गई है। प्रदेश सरकार दो प्रतिशत से अधिक शुल्क नहीं लगा सकती थी। सरकार ने 0.5 प्रतिशत सरचार्ज के रुप में लगा दिया है, जो अब 2.5 प्रतिशत हो गया है। कहना है कि प्रदेश के आस-पास के राज्यों में मंडी शुल्क नहीं है और जिनमें है, वहां दर काफी कम है। मंडी शुल्क अधिक होने के कारण प्रदेश का व्यापार दूसरे राज्यों में चला जाता है। उन्होंने सरकार से प्रदेश में मंडी शुल्क को समाप्त करने की मांग की। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल कृषि मंडी समिति के दोहरे मापदंड अपनाने के विरोध में तीस जून व एक जुलाई को प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपेगा।