किसानों ने कहा कि पुलिस प्रशासन का रवैया गलत है। उन लोगों को भी नोटिस दिए गए हैं, जो दिल्ली गए ही नहीं। किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। थांबेदार ब्रजपाल चौधरी ने कहा कि अगर प्रशासन ने नोटिस वापस नहीं लिए तो महापंचायत की जाएगी।
एसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि जिले की पुलिस की ओर से किसी भी निर्दोष किसान पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। किसान निश्चित रहें। दिल्ली पुलिस ने भी अगर किसी निर्दोष को नोटिस भेजा है तो उस किसान का सहयोग किया जाएगा। युवा रालोद के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर, विनोद खेड़ा, ओमवीर ढाका, विकास मलिक और सागर तोमर मौजूद रहे।
उधर, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर सिंह एडवोकेट ने कहा कि भोले-भाले किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर प्रशासन उन्हें डराने का प्रयास कर रहा है। किसान अब डरने वाला नहीं है। यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द नोटिस वापस नहीं लिए तो पार्टी कार्यकर्ता व क्षेत्र के किसान न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
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