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बागपत: एसपी से मिला थांबेदार व रालोद का प्रतिनिधिमंडल, ट्रैक्टर परेड में हिंसा में नोटिस भेजे जाने का किया विरोध 

Tue, 09 Feb 2021 09:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

- दिल्ली और स्थानीय पुलिस की ओर से जारी किए गए नोटिस पर जताया विरोध
- नौ लोगों को जारी किए गए है दिल्ली पुलिस की ओर से नोटिस
- 250 किसानों को भेजे गए थे बागपत, बड़ौत और खेकड़ा तहसील से नोटिस 
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एसपी अभिषेक सिंह से मुलाकात करता रालोद प्रतिनिधिमंडल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बागपत में दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से भेजे गए नोटिस से नाराज थांबेदार और रालोद प्रतिनिधिमंडल ने एसपी अभिषेक सिंह से मुलाकात की। किसानों ने कहा कि उन्होंने  शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया था, इसके बावजूद उन्हें नोटिस भेजे गए हैं। अगर किसानों को परेशान किया तो महापंचायत की जाएगी। 
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दिल्ली पुलिस के सीमापुरी और पांडवनगर थाने की ओर से रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी सहित नौ लोगों को दिल्ली हिंसा के मामले में नोटिस भेजे गए हैं। इसके अलावा बागपत, बड़ौत और खेकड़ा तहसील से करीब 250 किसानों को मुचलका पाबंद के लिए नोटिस भेजे गए थे।

मंगलवार को थांबेदार ब्रजपाल चौधरी, रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना, पूर्व विधायक अजय कुमार, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसपी अभिषेक सिंह से मुलाकात की।
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किसानों ने कहा कि पुलिस प्रशासन का रवैया गलत है। उन लोगों को भी नोटिस दिए गए हैं, जो दिल्ली गए ही नहीं। किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। थांबेदार ब्रजपाल चौधरी ने कहा कि अगर प्रशासन ने नोटिस वापस नहीं लिए तो महापंचायत की जाएगी। 

एसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि जिले की पुलिस की ओर से किसी भी निर्दोष किसान पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। किसान निश्चित रहें। दिल्ली पुलिस ने भी अगर किसी निर्दोष को नोटिस भेजा है तो उस किसान का सहयोग किया जाएगा। युवा रालोद के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर, विनोद खेड़ा, ओमवीर ढाका, विकास मलिक और सागर तोमर मौजूद रहे।

उधर, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर सिंह एडवोकेट ने कहा कि भोले-भाले किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर प्रशासन उन्हें डराने का प्रयास कर रहा है। किसान अब डरने वाला नहीं है। यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द नोटिस वापस नहीं लिए तो पार्टी कार्यकर्ता व क्षेत्र के किसान न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। 

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