गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई हिंसा के बाद रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी सहित नौ लोगों को नोटिस भेजे गए है। इसके विरोध में सोमवार को रालोद कार्यालय पर कार्यकर्ताओं और किसानों की पंचायत हुई।
26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने बागपत में रालोद के पूर्व विधायक, थांबेदार व किसानों सहित नौ लोगों को नामजद करते हुए नोटिस भेजा है। इससे उनमेें रोष पनपता जा रहा है।
थांबेदार ब्रजपाल चौधरी का तो यहां तक कहना है कि जब हम दिल्ली ही नहीं गए तो फिर क्यों नोटिस भेजा गया। यह पुलिस प्रशासन की मनमानी नहीं तो ओर क्या है। उधर, रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने कहा कि मनमाना ढंग से पुलिस कार्रवाई कर रही है।
दिल्ली पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया गया। चेतावनी दी गई कि यदि पुलिस ने जल्द नोटिस वापस नहीं लिए तो फिर से महापंचायत करेंगे। साथ ही मनमाने ढंग से भेजे गए नोटिस को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। मंगलवार को एसपी अभिषेक सिंह से मिलने का फैसला हुआ।
पंचायत में रालोद के जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह गठीना ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से बागपत के किसानों को जो नोटिस भेजे जा रहे है, वह गलत है। कोई भी किसान दिल्ली क्षेत्र की सीमा में नहीं था, लेकिन इसके बावजूद मनमाने ढंग से पार्टी कार्यकर्ताओं सहित किसानों को नोटिस भेज दिए गए।
थांबेदार ब्रजपाल चौधरी ने कहा कि यदि नोटिस जल्द वापस नहीं लिए तो पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ जल्द ही दोबारा से महापंचायत आयोजित कर आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर सिंह एडवोकेट ने कहा कि भोले-भाले किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर प्रशासन उन्हें डराने का प्रयास कर रहा है। किसान अब डरने वाला नहीं है। यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द नोटिस वापस नहीं लिए तो पार्टी कार्यकर्ता व क्षेत्र के किसान न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। पंचायत की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह गठीना और संचालन मास्टर सुरेश राणा एवं विकास मलिक एडवोकेट ने किया।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/