संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। सूर्य ग्रहण के बाद आठ नवंबर को कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण होगा। यह चार राशियों के लिए शुभ रहेगा, जबकि सूर्यग्रहण के 15 दिन के अंदर चंद्रहण होना देश के लिए शुभ संकेत नहीं है।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि साल के अंतिम सूर्य ग्रहण के बाद अब आठ नवंबर को साल का अंतिम चंद्र ग्रहण होगा। जिसे भारत में आंशिक सहित कई देशों में देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि आठ नवंबर को सुबह आठ बजे सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। जिसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं हो सकेगा। शाम साढ़े पांच बजे चंद्रग्रहण दिल्ली, एनसीआर क्षेत्र में स्पर्श ग्रहण करेगा। इसका असर शाम छह बजकर 20 मिनट तक रहेगा। शाम सात बजे के उपरांत श्रद्धालु स्नान कर पूजा पाठ करें और दानपुण्य करें। इसके उपरांत अगले दिन सूर्योदय के बाद दानपुण्य कर ग्रहण का दोष निवारण कर सकते हैं।
महाभारत से पहले भी हुआ था ऐसा ग्रहण
पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि सूर्यग्रहण के 15 दिन के अंदर चंद्रग्रहण होने का संयोग शुभ संकेत नहीं है। ऐसा ही संयोग महाभारत काल से पहले हुआ था, जिसमें काफी जनहानि हुई थी। हालांकि बाद में भी कई बार इस तरह का संयोग बना।
ये ग्रह होंगे आमने-सामने
पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि चंद्रग्रहण पर मंगल, शनि, सूर्य व राहु ग्रह आमने-सामने होंगे। चंद्रग्रहण मिथुन, कन्या, तुला राशि को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। इन राशि के लोगों के लिए स्वास्थ्य, आर्थिक, कॅरियर व व्यापार आदि मामलों में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इन राशि वालों को सावधान रहने की जरूरत है।
इन राशियों के लिए होगा शुभ
पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि चंद्रग्रहण का संयोजक वैसे तो विनाशकारी योग है, जबकि मिथुन, कर्क, वृश्चिक व कुंभ राशि के लिए लाभदायक साबित होगा। इन राशि के लोगों के लिए धन प्राप्ति, रुके हुए कार्य होने समेत अन्य लाभ मिलने की संभावना है।