संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। टीकरी में सीएचसी होने के बावजूद लोगों को पीएचसी की सुविधाएं भी नहीं मिल रही है। चिकित्सक के अभाव में सीएचसी पर फार्मासिस्ट लोगों की जांच कर दवाई दे रहे हैं। सीएचसी पर चिकित्सक न होने से सूजती, बराल और गांगलौनी के ग्रामीणों को इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
टीकरी कस्बे में 2019 में सीएचसी का शुभारंभ किया था। जिससे कस्बे के अलावा आसपास के गांव के लोगों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की आस जगी थी। मगर सात साल बीतने के बाद भी सीएचसी पर पूरे स्टॉफ की व्यवस्था नहीं हो पाई है। सीएचसी पर दो चिकित्सकों के बजाए एक चिकित्सक की तैनाती है, वह भी सप्ताह में तीन दिन ही सीएचसी पर आता है। लोगों की इलाज की जिम्मेदारी वहां तैनात दो फार्मासिस्ट पर है। सीएचसी पर आने वाले मरीजों की जांच कर दवाई देते हैं।
इमरजेंसी सेवा भी नही हुई शुरू, बेड भी हो गए खराब
सीएचसी पर तीन साल बाद भी इमरजेंसी की सुविधा नहीं है। इमरजेंसी होने पर लोगों को इलाज के लिए बिनौली या फिर बड़ौत सीएचसी की दौड़ लगानी पड़ती है। सीएचसी में रख-रखाव के अभाव में बेड भी खराब हो गए हैं।
सफाई की नही व्यवस्था
सीएचसी में चारों और गंदगी है। सफाई के अभाव में घास और झाड़ियां उग गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समस्या का समाधान कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
लोगों को नहीं मिल रही बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं
- सीएचसी पर चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इलाज के लिए दूसरी सीएचसी पर जाना पड़ता है। - कृष्णपाल
- सीएचसी पर कस्बे के अलावा अन्य गांव के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, मगर चिकित्सक न होने के कारण उन्हें दूसरे स्थानों पर जाने के लिए विवश होना पड़ता है। - अमृत सिंह
- कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से समस्या का समाधान कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नही हुआ है। - कालूराम
- सीएचसी पर चिकित्सक व इमरजेंसी की सुविधा न मिलने के कारण लोगों को बिनौली और बड़ौत में इलाज कराया के लिए विवश होना पड़ता है। - शिवकुमार
कोट...
- सीएचसी पर स्टॉफ नियुक्त करने के लिए शासन को पत्र भेजा है। चिकित्सक मिलने पर सीएचसी पर नियमित चिकित्सक की नियुक्त की जाएगी। - डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ
कालू राम- फोटो : BAGHPAT
अमृत सिंह- फोटो : BAGHPAT