खेकड़ा में हुई रालोद की किसान पंचायत, कहा कि कृषि कानून वापसी तक चलेगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। रालोद की किसान महापंचायत में केंद्र सरकार और उसके कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया। कहा कि कृषि कानून वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा।
मोहल्ला मुंडाला में आयोजित किसान पंचायत में पूर्व विधायक डा. अजय तोमर ने कहा कि डीजल, उर्वरक और कीटनाशकों के बढ़ते दामों के चलते किसानों की उत्पादन लागत 15 से 20 फीसदी बढ़ चुकी है। मगर, सरकार बढ़ी लागत के अनुपात में फसलों के दाम में बढ़ोतरी नहीं कर रही है। तीन वर्षों से गन्ने के दामों में तो एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। केंद्र सरकार के यह कृषि कानून किसान विरोधी है। यह कानून किसानों को बर्बाद कर देंगे। रालोद जिलाध्यक्ष डा. जगपाल सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों से बड़े-बड़े व्यापारी उनके खून पसीने से तैयार की गई फसल को मनमर्जी के दामों पर खरीदकर महंगे दामों पर बेचेंगे।
दीपक यादव ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुना करने का ढोंग कर रही है। लेकिन एमएस पी पर कानून नहीं बना रही है। पंचायत में केंद्र सरकार से कृषि कानूनों को अविलंब वापस लिए जाने की मांग की गई। पंचायत की अध्यक्षता मलखान सिंह और संचालन धामा खाप चौधरी जितेंद्र सिंह ने किया। पंचायत में महिला जिलाध्यक्ष रेणु तोमर, अरूण तोमर बोबी, लेखराज प्रधान, सतेन्द्र प्रमुख, मुनेश बरवाला, डा राघवेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, उमेश धामा, सहदेव सिंह, नेपाल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान
दोघट। निरपुड़ा में भोल्लर सिंह के आवास पर किसानों की बैठक हुई। इसमें बिजली की बढ़ी दरें, चौगामा नहर में पानी, गन्ना भाव एवं गन्ना बकाया भुगतान आदि समस्याओं को लेकर 22 मार्च को निरपुड़ा बिजलीघर पर होने वाली पंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया गया। बैठक में नरेंद्र राणा, बिजेंद्र राणा, रामकुमार, राजकुमार, नरेंद्र, ब्रजपाल, ओमबीर, विनोद राणा मौजूद रहे।