तीनों हमलावरों पर दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नौरोजपुर गुर्जर गांव में गेहूं ढुलाई के लिए ट्रैक्टर नहीं देने पर जानलेवा हमला करने के मुकदमे में दो भाईयों समेत तीन हमलावरों को न्यायाधीश ने पांच-पांच साल की सजा सुनाई। उनपर दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक-एक साल की सजा बढ़ाने के आदेश दिए गए।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित खोखर ने बताया कि नौरोजपुर गुर्जर गांव निवासी अरविंद ने 13 मई 2012 को बागपत कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया कि वह अपने घर पर बैठा हुआ था। तभी उसके सगे भाई देवेंद्र, संजीव अपने साथी विकास के साथ हथियार लेकर उसके घर आए और गेहूं ढोने के लिए उसका ट्रैक्टर मांगने लगे। ट्रैक्टर नहीं देने पर उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जिसका विरोध करने पर लाठी-डंडों और सरियों से उस पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसे बचाने आए उसके चाचा खिम्मा को भी पीटकर घायल कर दिया और पड़ोसियों के आने पर हमलावर धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया और तीनों हमलावरों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय एससीएसटी स्पेशल में हुई। बृहस्पतिवार को सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने देवेंद्र, संजीव और विकास को पांच-पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जिसे अदा नहीं करने पर एक-एक साल की सजा बढ़ाने के आदेश दिए गए।