संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। वर्ष 2001 में बागपत कोतवाली में दर्ज हुए गैंगस्टर के मुकदमे में सुनवाई पूरी हो गई। जिसमें न्यायाधीश ने तीन गैंगस्टरों पर दोषसिद्ध करते हुए तीन साल चार माह की सजा सुनाई, साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर सात दिन की सजा बढ़ाने के आदेश दिए।
विशेष लोक अभियोजक इंद्रपाल ने बताया कि वर्ष 2001 में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार वर्मा ने गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार वर्मा ने प्रमोद, सुरेश, प्रदीप निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी, रवि निवासी बली, ललित निवासी पाली के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। जिनके खिलाफ लूटपाट, जानलेवा हमला करने समेत मुकदमे दर्ज थे। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष गैंगस्टर में सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने ललित निवासी पाली, सुरेश निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी और रवि निवासी बली पर दोषसिद्ध कर दिया। तीनों गैंगस्टरों को न्यायाधीश पवन कुमार राय ने तीन साल चार माह की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। बताया कि गैंगस्टर सुरेश जेल में बंद है, जबकि ललित लकवाग्रस्त और रवि एक हाथ से दिव्यांग हो चुका है।