बागपत जनपद में बुखार का कहर जारी है। सूप गांव में बुखार से तीन और मौत हो गई। इससे पहले 10 लोगों की बुखार से जान जा चुकी है। काफी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित है। गुस्साए लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
सूप गांव निवासी अंकुर (21) को कई दिन से बुखार था। परिजनों ने पहले उसका गांव के निजी चिकित्सक से उपचार कराया था। हालत में सुधार न होने पर उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
बुधवार देर शाम उसकी बुखार से मौत हो गई। इसके अलावा इसी गांव की महिला शांति देवी (50) और ओमकारी (58) भी बुखार से पीड़ित थी। उनका दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में उपचार चल रहा था। बुधवार देर शाम उनकी भी बुखार से मौत हो गई।
इससे पूर्व गांव में 10 लोगों की बुखार से जान जा चुकी है। काफी संख्या में बुखार से लोग पीड़ित है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शायद ही कोई घर बचा है, जिसमें लोग बुखार से पीड़ित न हो। इतना होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग बेअसर है।
गांव में न कीटनाशक दवाई का छिड़काव कराया जा रहा है और न ही कैंप लगाकर मरीजों का उपचार। बुखार से एक के बाद एक की मौत हो रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस मौके पर महिपाल सिंह, धर्मपाल सिंह, धीरज, इंद्रपाल, इकबाल, भोपाल, रवि मौजूद रहे।
उधर, सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। उगांवों में कैंप लगाकर मरीजों का लगातार उपचार किया जा रहा है, साथ ही फॉगिंग भी कराई जा रही है।