बागपत। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर चल रहे धरने को समाप्त करने के लिए अफसरों और अवर अभियंताओं के बीच वार्ता हुई। इसमें निलंबित अवर अभियंताओं की बहाली के लिए अफसरों को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया। साथ ही बहाली नहीं होने पर काम बंद कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी गई।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के बैनर तले धरने पर बैठे अवर अभियंताओं का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। जहां अधीक्षण अभियंता केपी खान ने धरना समाप्त करने को लेकर अवर अभियंताओं से वार्ता की। जहां अवर अभियंता अपने साथी कर्मी निलंबित अवर अभियंता सतीश चंद्र, संतोष, कपिल कुमार, पारसनाथ झा की बहाली की मांग पर अड़ गए।
इस दौरान अधीक्षण अभियंता ने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया, लेकिन समाधान नहीं हो सका। घंटों चली वार्ता के बाद भी निलंबित अवर अभियंताओं की बहाली नहीं की गई। वार्ता के बाद अवर अभियंताओं का धरना तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। संगठन के अध्यक्ष नेत्रपाल ने बताया कि बहाली नहीं होने पर तीन दिन बाद काम बंद कर धरना दिया जाएगा। इस मौके पर केके पटेल, गणेश प्रसाद, विवेक आनंद, राकेश ढाका, मोहम्मद आसिफ, प्रदीप पटेल समेत अन्य मौजूद रहे।
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अधिशासी अभियंता पर लगाए आरोप
अवर अभियंताओं ने बड़ौत में अधिशासी अभियंता द्वितीय पर गलत रिपोर्टिंग के आधार पर अवर अभियंता पारसनाथ झा को निलंबित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गलत बिल को ठीक नहीं किया गया, जिसका कनेक्शन नहीं काटे जाने पर अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया।