बागपत। मलेरिया व डेंगू की जांच करने में जिले की तीन सीएचसी और जिला अस्पताल पिछड़ रहे हैं। बिनौली में एलटी न होने के कारण जांच प्रभावित हो रही है तो छपरौली, पिलाना और जिला अस्पताल की स्थिति खराब है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अधीक्षकों को जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण वायरल का प्रकोप बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मलेरिया और डेंगू के मरीजों की जांच के लिए बुखार के मरीजों की अधिक से अधिक जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद चिकित्साधिकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की जांच नहीं करा रहे हैं। सबसे खराब स्थिति बिनौली, छपरौली और पिलाना सीएचसी की है। अधिकारियों का कहना है कि बिनौली में एलटी न होने के कारण जांच प्रभावित हो रही है, जबकि छपरौली और पिलाना सीएचसी व जिला अस्पताल में एलटी के बावजूद कम जांंच हो रही है। विभाग की ओर से सभी सीएचसी अधीक्षकों को जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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छपरौली सबसे अधिक संवेदनशील
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ़ सावित्री ने बताया कि जिले में छपरौली ब्लॉक सबसे अधिक संवेदनशील है। इसके बावजूद सीएचसी पर आने वाले मरीजों की जांच कम की जा रही है। अधीक्षकों को अधिक से अधिक लोगों की मलेरिया और डेंगू की जांच कराने के लिए कहा गया है।
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एक महीने में कराई गई जांच
सीएचसी जांच
बागपत 1260
बड़ौत 1266
खेकड़ा 1050
छपरौली 595
पिलाना 522
बिनौली 103
जिला अस्पताल 350
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वर्जन - सभी सीएचसी अधीक्षकों को अस्पताल में बुखार के मरीजों की मलेरिया और डेंगू की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का पालन न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ़ तीरथ लाल, सीएमओ
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