बागपत के शेरपुर लुहारा गांव के दो सगे भाई विकास और पप्पू की गर्दन काटकर की गई निर्मम हत्या का आरोपी हिस्ट्रीशीटर अमरपाल जेल से ही पीड़ित परिवार पर फोन से केस में समझौते का दबाव बना रहा है। धमकी दी कि उसकी बात नहीं मानी तो परिवार के एक-एक बच्चे को मौत के घाट उतार दिया जाएगा। पीड़ित परिजनों ने पुलिस अफसरों से शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
छपरौली क्षेत्र के गांव शेरपुर लुहारा निवासी तिरसपाल का कहना है कि वह अपने भाईयों की हत्या का चश्मदीद गवाह है। केस कोर्ट में विचाराधीन है। उस पर पिछले काफी समय से केस में समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। मेरठ जेल में रहते समय आरोपी हिस्ट्रीशीटर अमरपाल उर्फ कालू उनके पास धमकी भरे खत भिजवाता था। बागपत जेल में शिफ्ट होने के बाद अमरपाल और वीरसैन फोन से धमकी दे रहे हैं। 26 जून से उसके पास और केस के अन्य गवाहों के पास लगातार फोन आ रहे हैं।
उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि अमरपाल ने धमकी दी कि केस में समझौता नहीं किया तो परिवार का एक बच्चा भी जिंदा नहीं बचेगा। उसने यहां तक कहां कि जब वह जेल में रहते हुए खिंदौड़ा गांव के स्कूल में सरेआम मास्टर सतपाल की हत्या करा सकता है तो उनकी हत्या कराना तो ज्यादा मुश्किल काम नहीं है। इससे परिवार काफी भयभीत है। पीड़ित परिजनों ने पुलिस अफसरों से शिकायत की है।
सीओ क्राइम श्वेतांभर पांडेय का कहना है कि बागपत जेल से हिस्ट्रीशीटर अमरपाल फोन से बात कर रहा है। इसकी जानकारी मिली है। जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
बागपत। शेरपुर लुहारा गांव के दो सगे भाई पप्पू और विकास का 15 जुलाई 2015 को अपहरण हो गया था। दो दिन बाद उनके शव बदरखा गांव के यमुना खादर में गर्दन कटे पड़े मिले थे। मृतक के परिजनों ने गांव के ही हिस्ट्रीशीटर अमरपाल उर्फ कालू, वीरसैन, नरेश, सुरेश, धर्मदत्त और अरविंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 21 जुलाई को पुलिस ने केस का खुलासा कर दिया था। इस मामले में नामजद आरोपियों के अलावा कई अन्य लोगों के नाम पुलिस की जांच में सामने आए थे।