-जिले के प्रभारी मंत्री जसवंत सैनी के सामने पूर्व राज्यमंत्री, जिलाध्यक्ष, महामंत्री ने खोली अफसरों की पोल
-पूर्व राज्यमंत्री साहब सिंह ने कहा कि डूडा, बिजली समेत अन्य विभाग में पैसा लिए बिना नहीं किया जा रहा कोई काम
-जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर ने आरोप लगाया कि थानों में पीडि़त की बात तक नहीं सुनती पुलिस, बुरा हाल हो रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले के प्रभारी मंत्री जसवंत सैनी के सामने शुक्रवार को बैठक में भाजपा नेताओं ने भड़ास निकाली। जहां पूर्व राज्यमंत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिला महामंत्री ने अफसरों पर खूब आरोप लगाए। मंत्री से जिले में भ्रष्टाचार फलने फूलने की बात कही गई और कहा गया कि बिना पैसे यहां कोई काम नहीं होता है। थानों में पुलिस किसी की बात तक नहीं सुनती है।
औद्योगिक विकास विभाग के राज्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जसवंत सैनी ने अपने दौरे के दौरान शुक्रवार को सबसे पहले कलक्ट्रेट के सभागार में भाजपा नेताओं के साथ बैठक की। जहां पूर्व राज्यमंत्री साहब सिंह ने कहा कि जिले में भ्रष्टाचार खूब फल फूल रहा है। किसी भी विभाग में पैसे के बिना कोई काम नहीं करता है। डूडा में गरीबों के मकान बनवाने के लिए पहले पैसे लिए जाते हैं तो ऊर्जा निगम में बुरा हाल है। जिसपर सभी पदाधिकारियों ने उनकी बात का समर्थन किया। महामंत्री विनोद वाल्मिकी ने कहा कि अगर पीड़ित के साथ कोई कार्यकर्ता समस्या का समाधान कराने जाता है, तब भी सुनवाई नहीं होती है। अगर उसी काम के लिए बाद में पैसे दे दिए जाते हैं तो कार्य हो जाता है। मेरी एक शिकायत पर एक साल बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा तालाबों की सफाई नहीं होने, पूर्वी यमुना नहर की पटरी का चौड़ीकरण कराए जाने की मांग उठाई गई। इस दौरान जिला महामंत्री कौशल त्यागी, सरिता चौधरी, ओमबीर धामा, गौरव यादव आदि मौजूद रहे।
अफसर नहीं सुधरे तो चुनाव में नुकसान होगा
महामंत्री विनोद वाल्मिकी ने कहा कि जिस तरह के हालात है और किसी भी विभाग में बिना पैसे काम नहीं हो रहा है। थानों में हर काम के लिए पैसे लिए जा रहे हैं। इस तरह से चुनाव में बड़ा नुकसान होगा। क्योंकि जब जनता को परेशानी झेलनी पड़ेगी तो वह किस तरह से पार्टी का साथ देगी। महामंत्री ने बताया कि इसपर राज्यमंत्री ने सीएम से बात करने का आश्वासन दिया है।
जिलाध्यक्ष बोले, थानों में पुलिस का बुरा हाल
मंत्री जसवंत सैनी जब समीक्षा बैठक कर रहे थे तो कानून व्यवस्था की समीक्षा होने लगी। इस बीच ही जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर ने कहा कि थानों में बुरा हाल है। दरोगा लोगों के साथ अभद्रता करते हैं और पीडि़तों की बात तक नहीं सुनी जाती है। इसपर मंत्री ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।