बड़ौत। विद्युत निगम के ठेकेदार की मनमानी को लेकर बुधवार को छह गांवों के ग्रामीणों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित सीटीआर वर्कशाप के सामने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा ठेकेदार कागजों में ही ट्रांसफार्मरों को रिपेयर कर रहे हैं। इससे विद्युत निगम को विभाग को लाखों रुपये का चूना लग रहा है, वहीं आए दिन ट्रांसफार्मर फूंकने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र खोखर के नेतृत्व में छह गांवों के ग्रामीण सीटीआर वर्कशाप के सामने पहुंचे और बिजली विभाग के ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा जनपद में लगे विद्युत ट्रांसफार्मरों में समय-समय पर तेल डालने और खूंटी बदलने का टेंडर निगम ने क्षेत्र के ही एक ठेकेदार को दे रखा है। तेल डालने और खूंटी बदलने के एवज में निगम ठेकेदार को लाखों रुपये देता है, लेकिन उक्त ठेकेदार न तो ट्रांसफार्मरों में तेल डालता है और न ही खूंटी बदलता है।
उन्होंने कहा समय पर तेल न डालने से अब तक गांव में दर्जन ट्रांसफार्मर फूंक चुके हैं। इससे ग्रामीणों को पेयजल और पशुओं का चारा काटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुरेंद्र खोखर ने कहा जब भी ट्रांसफार्मर फूंककर वर्कशाप में आते हैं तो यहां पर भी मरम्मत नहीं की जा रही है। प्रदर्शन में ओमकार, जगदीश, प्रेमपाल, महिपाल, रामकिशन, अनिल कुमार एडवोकेट, नरेंद्र, सुखवीर, बलबीर आदि रहे। एक्सईएन द्वितीय ने कहा ट्रांसफार्मर की मरम्मत के संबंध में पहले भी शिकायत मिली है, मामला दिखवाया जा रहा है।
चेतावनी दी
बिनौली। चिरचिटा गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को जर्जर विद्युत लाइन को लेकर गांव में एकत्र होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा जर्जर लाइन आए दिन टूटकर गिरने से अब तक क्षेत्र में सैकड़ों बीघा फसल जल चुकी है, लेकिन सुनवाई के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही हैं। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शन में महेंद्र, ओमपाल, फतेह सिंह, सुंदर, हरवीर, रणवीर आदि रहे।