बागपत। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर मची मारामारी के दौरान जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा की। इतना ही नहीं निर्माण शुरू करने से पहले गड्ढे भी खोदे गए थे। इस कार्य को एक माह बीत चुका है, लेकिन मौके पर गड्ढों के अलावा कुछ नहीं है। स्वास्थ्य विभाग भी काम रुकने की वजह से अंजान ही है। इस योजना को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गया है।
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण के लिए जिले के तीन विधायकों ने अपनी निधि से 25-25 लाख रुपये की राशि दी थी। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन की टीम ने काम भी शुरू कर दिया था। यानी करीब एक माह पहले ऑक्सीजन प्लांट के लिए जिला अस्पताल में गड्ढे खोदे गए थे, लेकिन इसके बाद काम आगे बढ़ा ही नहीं है। इसके अलावा खेकड़ा सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण होना था। यह भी अभी अटका हुआ है।
सांसद ने की थी रक्षा मंत्री से बात
ऑक्सीजन की किल्लत के चलते लगभग सभी जिलों में अलग-अलग चरणों में प्लांट का निर्माण होना था। बागपत में दूसरे चरण में निर्माण होना तय हुआ था। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने रक्षा मंत्री से बात करके इसे पहले चरण में कराने की मांग की थी। इसके बाद डीआरडीओ की टीम ने काम शुरू भी कर दिया था, लेकिन बाद में काम रुक गया।
- ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण जिला अस्पताल में होना है। पहले उन जिलों में प्राथमिकता के आधार पर काम चल रहा है, जहां ज्यादा इमरजेंसी थी। - डॉ. यशवीर सिंह, डिप्टी सीएमओ।