अमीनगर सराय। हिसावदा गांव में चार दिन पहले गन्ने से लदे ट्रकों ने दो खंभे तोड़ दिए। जिससे तीन दिन बाद भी हिसावदा गांव अंधेरे में हैं। बृहस्पतिवार शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। जिस पर ग्रामीणों ने रोष जताया और जल्द आपूर्ति बहाल कराने की मांग की।
हिसावदा गांव के रहने वाले नीरज अरोड़ा, कुशलपाल, मनोज, चंद्रमणि ने बताया कि चार दिन पहले आपूर्ति ठप होने के बाद बृहस्पतिवार शाम तक बहाल नहीं हो पाई। जिससे पेयजल आपूर्ति व पशुओं के चारे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आपूर्ति के लिए किराए पर जनरेटर लाने पड़ रहे हैं। गांव से जुड़े कई कोल्हू संचालकों पर भी आपूर्ति न होने से खर्चा बढ़ गया है। आरोप लगाया कि विद्युत निगम के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब न मिलने से रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द आपूर्ति सुचारु रूप से करने की मांग की।
उधर, विद्युत निगम ने अवर अभियंता प्रदीप गुप्ता ने बताया कि गन्ने के ट्रक की वजह से खंभे टूट गए थे। आपूर्ति बहाल कराने के लिए कर्मचारी लगातार काम कर रहे है। जल्द ही हिसावदा गांव की आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
पशुओं को चारे के लिए लगानी पड़ रही दौड़
तीन दिन से बिजली न आने के कारण पशुओं के चारे की समस्या बढ़ गई है। बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण घरों में लगे गंड़ासे नहीं चल रहे। पशुओं के चारे के लिए दूसरे गांवों की दौड़ लगानी पड़ रही है। - धर्मपाल चौधरी
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जनरेटर किराये पर लाकर हो रही पेयजल आपूर्ति
आपूर्ति ठप रहने से सबसे ज्यादा पेयजल की किल्लत बढ़ गई है। जिसके लिए जनरेटर किराये पर लाकर समर्सिबल से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। घरेलू कार्यों के लिए महिलाओं को भी मशक्कत करनी पड़ रही है। - संजय मलिक
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इंवर्टर बंद, मोबाइल हुए बंद
तीन दिन से बिजली ठप पड़ी हुई है, जिस कारण चार्ज नहीं होने के कारण इंवर्टर भी ठप हो गए हैं। जिस कारण अधिकांश मोबाइल फोन भी बंद हो गए हैं। ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराने के लिए जल्द आपूर्ति बहाल की जाए। - आदित्य मलिक