बागपत। फैजपुर-निनाना गांव के किसान राजवीर सिंह की हत्या के केस में सजायाफ्ता पूर्व प्रधान के पति देवेंद्र समेत पांच मुल्जिमों की सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसी पर पांचों आरोपियों ने शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वहां से उनको जेल भेज दिया गया है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अरुण राणा के मुताबिक 18 दिसंबर 2012 को जनपद न्यायालय ने केस के पांच आरोपी पूर्व प्रधान के पति देवेंद्र, प्रमोद, तेजपाल, प्रमोद और अशोक को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जबकि अन्य आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त हो गए थे। आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। 4 जनवरी 2013 को आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने केस की सुनवाई करते हुए 9 मई 2016 को मुल्जिमों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी तथा हाईकोर्ट को अपील पर दोबारा सुनाई करने के निर्देश दिए थे। मुल्जिम पक्ष के अधिवक्ता द्वारा हाईकोर्ट में आश्वासन दिया था कि मुल्जिम कोर्ट में आत्म समर्पण कर देंगे, लेकिन मुल्जिमों ने आत्मसमर्पण नहीं किया। इस पर 10 नवंबर 2016 को सीजेएम बागपत को हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराकर चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट अवगत कराए। इसी के तहत पांचों आरोपियों ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया। वहां से उनको जेल भेज दिया गया है।
यह था मामला
बागपत। फैजपुर-निनाना गांव में 15 अगस्त 2008 को यमुना खादर से रेत लेकर आ रहे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्राली को कुछ लोगों ने गांव में रोक दिया था। इसका गांव के किसान राजवीर सिंह और उनके बेटों ने विरोध किया था। इसी बात पर आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया था। इसमें किसान राजवीर सिंह की मौत हो गई थी और उनके बेटे घायल हो गए थे। इस मामले में गांव की पूर्व प्रधान के पति देवेंद्र चौधरी, उनके भाई प्रमोद के अलावा तेजपाल, प्रमोद, अशोक समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।