फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: छुट्टा गोवंश खेतों में फसल कर रहे बर्बाद, अब तक कई लोगों को उतार चुके हैं मौत के घाट

Wed, 05 Apr 2023 01:25 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत

सार

बागपत में छुट्टा गोवंश जहां सड़कों पर घूम रहे है, वहीं खेतों में फसल बर्बाद कर रहे हैं। छुट्टा गोवंशों से फसलों को बचाने के लिए किसान दिनरात खेतों में फसल की रखवाली कर रहे हैं। वहीं बाजारों में भी घूम रहे गोवंश कई लोगों को टक्कर मारकर घायल कर चुके हैं।
विज्ञापन
बागपत के सिसाना मार्ग पर भिड़ते छुट्टा गोवंश
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बागपत में छुट्टा गोवंश जहां सड़कों पर घूम रहे है, वहीं खेतों में फसल बर्बाद कर रहे हैं। छुट्टा गोवंशों से फसलों को बचाने के लिए किसान दिनरात खेतों में फसल की रखवाली कर रहे हैं। वहीं बाजारों में भी घूम रहे गोवंश कई लोगों को टक्कर मारकर घायल कर चुके हैं।

विज्ञापन


जिले में छुट्टा गोवंशोंं के संरक्षण के के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में 21 अस्थाई गोशालाएं, दो वृहद गोसंरक्षण केंद्र खोले गए हैं। इनमें करीब 3779 गोवंश रखवाए गए हैं, जबकि 971 गोवंश मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत लोगों को दिए गए हैं। गोशालाओं में पकड़कर भेजे गए गोवंशों में अभी तक 256 की मौत हो चुकी है।

शहरी क्षेत्र की सात गोशालाओं में नगर पालिका व नगर पंचायतों की तरफ से चारा के लिए बजट खर्च किया जाता है तो गांवों की 14 गोशालाओं व दो वृहद गोसंरक्षण केंद्र में पशुपालन विभाग की तरफ से 30 रुपये प्रति पशु के हिसाब से चारे के लिए बजट खर्च किया जाता है।

इसके बावजूद एक हजार से ज्यादा गोवंश अभी सड़कों से लेकर खेतों में घूमते रहते हैं। यह गोवंश खेतों में खड़ी फसल को बर्बाद कर रहे है तो सड़कों पर लोगों को टक्कर मारकर घायल कर रहे है। उधर, गोवंशों को गोशाला में भिजवाने की मांग को लेकर लोगों ने अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की और लोगों को छुट्टा गोवंशों से निजात नहीं मिल पाई।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Meerut: यहां अचानक हिलने लगते हैं घर, गिरने लगते हैं रखे बर्तन, 40 दुकानों-मकानों में आईं दरारें, ये है वजह

विज्ञापन

कंडेरा में महिला तो तितरौदा में किसान की हो चुकी है मौत
तितरौदा गांव में कुछ दिन पहले ही छुट्टा गोवंश ने खेत से वापस लौट रहे बुजुर्ग किसान इसब खां (65) को टक्कर मार दी थी। जिससे इसब खां की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया और गोवंश नहीं पकड़वाए गए। वहीं दो साल पहले कंडेरा गांव की रहने वाली जीतकोर (65) पत्नी मिथुन एक छुट्टा गोवंश को चारा डाल रही थी। जिसमें छुट्टा गोवंश ने जीतकौर को उठाकर पटक दिया और कई टक्कर मारी। जिससे बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी।

सराफ पर हमला किया, दुकान में तोड़फोड़ की
शहर के बाजार में गोवंशों का आतंक जारी है। जिसमें पिछले साल बड़ा बाजार में अपनी दुकान के बाहर खड़े सराफ संजय वर्मा को एक गोवंश ने हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद गोवंश भिड़ते हुए सराफ कमल वर्मा की दुकान में घुस गए थे। जिससे दुकान में नुकसान हो गया था और ग्राहकों ने भागकर जान बचाई थी। व्यापारी लवी जैन ने कहा कि शहर में घूमने वाले गोवंश कभी भी बड़ा हादसा कर सकते है।

मुख्यमंत्री कहते रहते है, अधिकारी टालते रहते है
गोवंशों से परेशान किसान लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रहे है तो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कई बार गोवंशों को पकड़वाने के आदेश दे चुके हैं, लेकिन जिला स्तरीय अधिकारी गोवंशों को पकड़वाने में लापरवाही बरत रहे हैं। जिला स्तरीय अधिकारी गोवंशों को पकड़ने की कागजी खानापूर्ति कर रिपोर्ट भेज देते हैं, जबकि धरातल की स्थिति अलग है। गोवंशों से निजात दिलाने के लिए हर गांव में गोशाला का निर्माण कराया जाए। - प्रताप गुर्जर, जिलाध्यक्ष भाकियू।

गोवंशों को पकड़वाने के लिए मुख्यमंत्री के आदेश का पालन किया जाएगा। कई गांवों में किसानों के सहयोग से सभी गोवंश पकड़वाकर गोशाला भिजवा दिए गए हैं। जल्द ही सभी गोवंशों को पकड़वाकर गोशाला भिजवा दिया जाएगा। सभी आश्रय स्थल भर चुके हैं और अब नए संरक्षण केंद्र बनाए जाएंगे, जिनके लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये मिल चुके हैं।
- डाॅ. रमेश चंद्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें