कंडेरा में महिला तो तितरौदा में किसान की हो चुकी है मौत
तितरौदा गांव में कुछ दिन पहले ही छुट्टा गोवंश ने खेत से वापस लौट रहे बुजुर्ग किसान इसब खां (65) को टक्कर मार दी थी। जिससे इसब खां की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया और गोवंश नहीं पकड़वाए गए। वहीं दो साल पहले कंडेरा गांव की रहने वाली जीतकोर (65) पत्नी मिथुन एक छुट्टा गोवंश को चारा डाल रही थी। जिसमें छुट्टा गोवंश ने जीतकौर को उठाकर पटक दिया और कई टक्कर मारी। जिससे बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी।
सराफ पर हमला किया, दुकान में तोड़फोड़ की
शहर के बाजार में गोवंशों का आतंक जारी है। जिसमें पिछले साल बड़ा बाजार में अपनी दुकान के बाहर खड़े सराफ संजय वर्मा को एक गोवंश ने हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद गोवंश भिड़ते हुए सराफ कमल वर्मा की दुकान में घुस गए थे। जिससे दुकान में नुकसान हो गया था और ग्राहकों ने भागकर जान बचाई थी। व्यापारी लवी जैन ने कहा कि शहर में घूमने वाले गोवंश कभी भी बड़ा हादसा कर सकते है।
मुख्यमंत्री कहते रहते है, अधिकारी टालते रहते है
गोवंशों से परेशान किसान लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रहे है तो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कई बार गोवंशों को पकड़वाने के आदेश दे चुके हैं, लेकिन जिला स्तरीय अधिकारी गोवंशों को पकड़वाने में लापरवाही बरत रहे हैं। जिला स्तरीय अधिकारी गोवंशों को पकड़ने की कागजी खानापूर्ति कर रिपोर्ट भेज देते हैं, जबकि धरातल की स्थिति अलग है। गोवंशों से निजात दिलाने के लिए हर गांव में गोशाला का निर्माण कराया जाए। - प्रताप गुर्जर, जिलाध्यक्ष भाकियू।
गोवंशों को पकड़वाने के लिए मुख्यमंत्री के आदेश का पालन किया जाएगा। कई गांवों में किसानों के सहयोग से सभी गोवंश पकड़वाकर गोशाला भिजवा दिए गए हैं। जल्द ही सभी गोवंशों को पकड़वाकर गोशाला भिजवा दिया जाएगा। सभी आश्रय स्थल भर चुके हैं और अब नए संरक्षण केंद्र बनाए जाएंगे, जिनके लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये मिल चुके हैं।
- डाॅ. रमेश चंद्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी