बदमाशों से मिलकर जेल अस्पताल में भर्ती करने के आरोप में चिकित्सक को हटाया गया
- जेल अधीक्षक ने सीएमओ समेत उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर जेल अस्पताल में छह साल से तैनात चिकित्सक पर लगाए गंभीर आरोप
- सीएमओ ने चिकित्सक को हटाया तो प्रांतीय चिकित्सा संघ ने जेल अधीक्षक पर चिकित्सक संग गाली-गलौच व अभद्रता का आरोप लगाया
- चिकित्सकों ने मामले में कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार से सामूहिक अवकाश पर रहने की चेतावनी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला जेल में बंद कुख्यात बदमाशों को बिना कारण जेल के अस्पताल में भर्ती करने का चिकित्सक डॉ. जावेद खान पर आरोप लगाते हुए जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने सीएमओ व उच्च अधिकारियों से शिकायत कर दी। इस पर सीएमओ डॉ. तीरथलाल ने डॉक्टर को वहां से हटाकर डॉ. अमित गुप्ता को तैनात कर दिया तो प्रांतीय चिकित्सा संघ विरोध में उतर गया। संघ ने जेल अधीक्षक पर डॉ. जावेद के साथ गाली-गलौज करने का आरोप लगाया। संघ ने कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार से सामूहिक अवकाश पर रहने की चेतावनी दी।
जिला जेल के अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने दो दिन पहले सीएमओ समेत अन्य उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा। उन्होंंने आरोप लगाया कि जिला जेल में डॉ. जावेद पिछले छह साल से तैनात है। उन पर आरोप लगाया गया कि यह प्रशासनिक आधार पर अन्य जेलों से यहां आने वाले कुख्यात बदमाशों को आते ही अस्पताल में भर्ती कर लेते हैं। इस बारे में कुछ कहा जाता है तो सही से जवाब नहीं देते।
आरोप लगाया कि बुधवार को भी इस बारे में पूछने पर गुस्सा होकर जेल के अस्पताल में भर्ती बंदियों को बाहर निकालकर खड़ा कर दिया, जिससे कई गंभीर बीमार बंदियों को परेशानी हुई। चिकित्सक पर आरोप लगाया गया कि यह जेल में छह साल से तैनात होने के कारण बंदियों से संपर्क बनाकर उन्हें लाभ पहुंचाते हैं। जेल अधीक्षक की शिकायत पर सीएमओ डॉ. तीरथलाल ने शुक्रवार को डॉ. जावेद को वहां से हटाकर खेकड़ा सीएचसी भेज दिया। उनकी जगह खेकड़ा सीएचसी से डॉ. अमित गुप्ता को जेल में तैनात कर दिया।
चिकित्सक डॉ. जावेद ने सीएमओ को शिकायत देकर जेल अधीक्षक पर गाली-गलौज करने और धमकाने का आरोप लगाया। इस प्रकरण को लेकर सीएमओ कार्यालय में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की शुक्रवार को बैठक हुई। वहां संघ के पदाधिकारियों ने डॉ. जावेद के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
संघ के सचिव डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से शनिवार को काली पट्टी बांधकर विरोध करने और सोमवार को सभी चिकित्सकों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया। बैठक में एसीएमओ डॉ. एमएस भदौरिया, डिप्टी सीएमओ डॉ. रोबिन, डॉ. विजय कुमार, डॉ. विभाष राजपूत, डॉ. सतेंद्र शर्मा, डाॅ. कुमार अभिषेक, डॉ. सुधीर शर्मा, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. मुकेश कुमार मौजूद रहे।
- बोर्ड से जांच करा लो, गलती मिली तो नौकरी छोड़ दूंगा
प्रांतीच चिकित्सा संघ की बैठक में डॉ. जावेद ने कहा कि बीमार होने पर जांच के बाद ही जेल के अस्पताल में कैदियों को भर्ती किया गया। वहां आए मरीजों की मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच कराई जा सकती है। उनकी लापरवाही या फिर कमी मिलती है तो वह नौकरी छोड़ देंगे। इस तरह डॉ. जावेद ने संघ की बैठक में अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया।
जिला जेल में गाली-गलौज और धमकाने जैसा कोई प्रकरण नहीं हुआ। चिकित्सक की शिकायत होने पर सीएमओ ने उनका तबादला दूसरी जगह कर दिया है। अब सीएमओ ही कुछ बता पाएंगे। - प्रशांत मौर्य, जेल अधीक्षक
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वर्जन-
चिकित्सक को हटाने की रूटीन प्रक्रिया है। वहां पर विवाद होने के कारण चिकित्सक को हटाया गया है। चिकित्सक ने जेल अधीक्षक पर आरोप लगाते हुए शिकायत दी है मगर अभी तक वह इस मामले में कोई सबूत नहीं दिखा पाए। - डॉ. तीरथलाल, सीएमओ