दोघट (बागपत)। निरपुड़ा गांव के जंगल में भूमिया मंदिर पर कुटिया में रहने वाले साधु की शुक्रवार रात पीटकर और गला दबाकर हत्या कर दी गई। कुटिया से नकदी व सामान गायब है। एसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की। पुलिस को मंदिर में चढ़ावे को लेकर विवाद में हत्या किए जाने का शक है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
निरपुड़ा के जंगल में भूमिया मंदिर पर कुटिया में मुलसम निवासी साधु लाल गिरी (40) रहते थे। उनकी शुक्रवार रात में पीटकर और गला दबाकर हत्या कर दी गई। शनिवार को उनका शव कुटिया में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू की। कुटिया में बने कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। नकदी और गैस सिलिंडर समेत अन्य सामान गायब था। लाल गिरी के शरीर पर पिटाई और गले पर भी निशान था। एसपी नीरज कुमार जादौन, एएसपी मनीष मिश्र के साथ ही डॉग स्कवायड के साथ घटनास्थल की जांच की। इसके बाद साधु के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उनके साथी साधु महेशनाथ ने दोघट थाने में अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें लूट के विरोध में हत्या की बात कही गई है।
25 साल पहले साधु बने थे लालगिरी
ग्रामीणों के अनुसार लालगिरी करीब 25 वर्ष पहले साधु बने थे। वह पहले किशनपुर बराल गांव के मंदिर में रहते थेे। करीब नौ महीने से निरपुड़ा में भूमिया मंदिर पर कुटिया में रहते थे। एसपी नीरज कुमार जादौन का कहना है कि भूमिया मंदिर पर रहने वाले साधु की हत्या प्रथम दृष्टया मंदिर पर चढ़ावे को लेकर लग रही है। इस घटना का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।