फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं आफत तो कहीं राहत बनी बारिश

Sat, 28 Jan 2017 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
बागपत-सहारनपुर हाईवे स्थित निवाड़ा गांव में जलभ्ाराव से गुजरते वाहन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
पिछले दो दिन में रुक रुककर हुई बरसात कहीं आफत तो कहीं राहत लेकर आई। सड़कों पर पानी भर गया। देहात क्षेत्र में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। गेहूं की फसल के लिए बारिश को फायदेमंद माना जा रहा है।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार और शुक्रवार को बादल जमकर बरसे। जिले में करीब 24 मिमी बरसात हुई। किसानों के चेहरे खिल गए। उधर, बरसात से जनजीवन भी अस्त व्यस्त रहा। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से पानी सड़कों पर भर गया।

देहात में पानी लोगों के घरों में घुसा। दोघट क्षेत्र के निरपुड़ा, दाहा, भड़ल, कान्हड़, दोघट, पुसार, पलड़ी, गढ़ी कांगरान, तवेला गढ़ी आदि गांवों में गलियों और घरों में बारिश का पानी घुस गया।  निरपुड़ा गांव में शीतल, ईश्वर, ओमपाल, वीर सिंह, राम सिंह, ओमवीर, हरबीर, राममेहर, मुकेश, सत्यपाल, भोपाल, धर्मपाल, शेखर, धर्मवीर, वीरसैन, वेद सिंह, ईश्वर सिंह, विनोद, हरफूल आदि ग्रामीणों के घरों में बारिश का पानी घुस गया। पानी से घर में रखा हजारों रुपये का सामान खराब हो गया। ग्रामीणों ने बताया  पानी निकासी का कोई साधन न होने के कारण यह स्थित पैदा हुई है। 
विज्ञापन


उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। चौगामा क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में तालाबों पर अतिक्रमण होने के कारण पानी की निकासी नहीं होती।

बड़ौत में बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जगह-जगह जलभराव की समस्या से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार की सुबह भी बारिश होती रही, लेकिन दोपहर में धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश से नया बाजार, कोताना रोड, किताबों वाली गली जलमग्न हो गई और लोगों को परेशानी हुई। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें