बागपत। हत्या के मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने के लिए निरपुड़ा गांव की पूर्व प्रधान के बेटे पर जानलेवा हमला करने वाले को न्यायाधीश ने पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये अर्थदंड लगाया। मुकदमे में अभियोजन की तरफ से छह गवाह पेश किए गए।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज ढाका ने बताया कि निरपुड़ा गांव की पूर्व प्रधान मुनेश के बेटे निश्चय राणा ने 29 मई 2015 को दोघट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। निश्चय ने बताया था कि उसके पिता ब्रजपाल की हत्या के मुकदमे के कारण उसे पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी। पिता की हत्या के मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने के लिए 29 मई की रात में बाइक सवार तीन युवक उसके घर के आसपास घूम रहे थे। जिन्हें पुलिसकर्मियों ने रोकने का प्रयास भी किया।
गांव के ही अंजीव ने उस पर फायर कर दिया, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। फायरिंग करने वाले अंजीव को पुलिसकर्मियों ने तमंचे के साथ पकड़ लिया, जबकि दो हमलावर भाग गए। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज ढाका ने बताया कि पुलिस ने अंजीव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मुकदमे की सुनवाई एडीजे चतुर्थ न्यायालय में हुई। न्यायाधीश सुशील कुमार ने बृहस्पतिवार को अंजीव को पांच साल की सजा सुनाई।