चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी और पीएचसी पर मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे है। डॉक्टरों का कहना है कि काफी मरीजों में इसके लक्षण दिखाई दिए हैं।
शरीर में थकावट, बदन सहित जोड़ों में दर्द, उल्टी का बार-बार आना सहित लगातार बुखार होना जैसे लक्षण दिखाई दें तो समझ जाइए कि यह चिकन गुनिया का रोग है। इससे धीरे-धीरे बुखार होता है उसके बाद पूरा शरीर दर्द की चपेट में आ जाता है। उपचार के अभाव में प्लेट लेट्स धीरे-धीरे गिरने लगती है। समय पर इलाज न होने पर जान जाने का भी खतरा बन जाता है।
सबसे ज्यादा इसमें वायरल परेशान करता है, उसके बाद अन्य लक्षण सामने आते है। किसी भी व्यक्ति में ये सभी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर अपना उपचार करवाए। डॉक्टरों से परामर्श करने के बाद दवाईयों का सेवन करें। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की माने तो चिकनगुनिया से पीड़ित 10 से 15 लोगों उपचार के लिए पहुंच रहे है।
जिला अस्पताल में तैनात डॉ. पंकज त्यागी ने बताया चिकन गुनिया का असर शरीर में चार से पांच दिन तक रहता है। समय पर उपचार से बीमारी ठीक हो जाती है।
चिकनगुनिया से बचने के उपाय
मच्छरों से बचने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव
रुके पानी में केरोसिन डाले
पार्क में घूमने से पहले शरीर को ढककर रखे
आसपास गंदगी न होने दें
मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
गमलों में गंदगी न होने दें
पीने के पानी को ढककर रखे
चिकित्सक के सलाह बिना दवाई न लें
डेंगू के भी आ रहे इक्का-दुक्का मरीज
डॉ. पंकज त्यागी ने बताया एक हजार मरीजों में पांच से आठ मरीजों में डेंगू के लक्षण नजर आ रहे है। जिनकी जांच करवाकर इलाज कराया जा रहा है। सबसे ज्यादा मरीज फिलहाल सामान बुखार और चिकनगुनिया के ही पहुंच रहे हैं।