अनुराधा व ज्योति ने कभी नहीं सोचा होगा कि जिस हाथ पर वे दोनों बचपन से राखी बांधती आ रही हैं। वही हाथ एक दिन उनकी जिंदगी छीन लेगा। जिस भाई ने रक्षा का वचन दिया था, सिर पर खून सवार हुआ तो उसी भाई ने मौत की नींद सुला दिया।
बागपत में मृतक बृजपाल ट्रक चालक था और उसका इकलौता बेटा अमरपाल उर्फ लक्ष्य तोमर व चार बेटियां पूजा, आरती, ज्योति व सबसे छोटी अनुराधा थी। पूजा की शादी कुछ साल पहले मेरठ के कल्याणपुर में तो आरती की शादी जिवाना-जिवानी गांव में हुई थी। जबकि ज्योति व अनुराधा अभी अविवाहित थीं। इकलौता भाई होने के कारण सभी बहनें अमरपाल को बहुत प्यार करतीं थीं और हर वर्ष रक्षाबंधन पर उसको राखी बांधतीं थीं। पिछले सप्ताह ही सभी बहनों ने अमरपाल को रक्षा सूत्र बांधा था, लेकिन बहनों को नहीं बता था कि जिस हाथ पर वे राखी बांध रहीं हैं, वही हाथ उनकी जिंदगी छीन लेगा।