बागपत। किसानों और अधिकारियों के बीच बृहस्पतिवार शाम को कलक्ट्रेट में हुई बैठक बेनतीजा रही। जिससे किसानों ने कलक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का फैसला लिया। किसानों ने साफ कह दिया कि जब तक गन्ना मूल्य भुगतान सहित उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक धरना जारी रहेगा।
विकास भवन में बुधवार को किसान दिवस पर बैठक के लिए किसानों को बुलाया गया था। कुर्सियां कम होने के साथ ही काफी कम अधिकारी पहुंचने का आरोप लगाते हुए किसानों ने हंगामा कर दिया था। वह किसान दिवस का बहिष्कार करके कलक्ट्रेट में जाकर धरने पर बैठ गए थे। किसान बृहस्पतिवार शाम तक धरने पर बैठे रहे तो प्रशासन ने उनको बातचीत के लिए बुलाया। एडीएम प्रतिपाल चौहान, एसई बिजली रणविजय सिंह, गन्ना अधिकारी अनिल भारती के साथ कलक्ट्रेट में किसानों की बैठक हुई।
किसानों ने गन्ना राशि बकाया भुगतान कराने, आवारा पशुओं से निजात दिलाने समेत अन्य मांग रखी। अधिकारियों ने कहा कि वह मलकपुर मिल से बृहस्पतिवार रात तक 16 करोड़ रुपये का भुगतान करा देंगे। किसानों ने 100 करोड़ के भुगतान की मांग रखी तो इस पर सहमति नहीं बन सकी। किसानों ने गन्ना भुगतान नहीं होने तक गांवों में बकाया बिल के कारण बिजली कनेक्शन नहीं काटे जाने की मांग रखी तो इस पर अधिकारियों ने सहमति जताई।
अधिकारियों ने ब्लेड वाले तार खेतों में नहीं लगाने का शासन का आदेश दिखाया तो उस पर किसान सहमत हो गए। केवल गन्ना राशि भुगतान के कारण धरना खत्म करने की सहमति नहीं बन सकी। जिसके बाद कलक्ट्रेट में दोबारा धरने पर बैठ गए। इस दौरान भाकियू के दिल्ली-एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा, जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह, हरेंद्र दांगी, पंडित शिवदत्त शर्मा, पिंटू शबगा, विजयपाल सिंह, इंदरपाल सिंह, उपेंद्र तोमर, जुल्ला प्रधान, ओमपाल दांगी, कर्मपाल शबगा, कालूराम शबगा आदि मौजूद रहे।