बागपत। बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से एक किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने वाले को न्यायाधीश ने चार साल की सजा सुनाई और दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
विशेष लोक अभियोजक नरेश वेदवान और नरेंद्र पंवार ने बताया कि बड़ौत कोतवाली में दिसंबर 2012 में किशोरी के पिता ने मुकदमा दर्ज कराते हुए गांव के संजीव उर्फ मोनी समेत दो युवकों पर उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया। यह भी बताया कि आरोपियों के कहने पर किशोरी घर से सोने, चांदी के जेवर भी साथ ले गई। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर न्यायालय में बयान दर्ज कराए और जांच के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय पंचम में हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष की तरफ से आठ गवाह पेश किये गये। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने संजीव उर्फ मोनी पर दोषसिद्ध कर दिया। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने संजीव उर्फ मोनी को चार साल की सजा सुनाई और दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह की सजा बढ़ाने के आदेश दिये।