बागपत। सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक गांव से नौवीं कक्षा की छात्रा का अपहरण करने वाले को न्यायाधीश ने पांच साल की सजा और दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया। साथ ही दुष्कर्मी को दस साल की सजा सुनाई और बीस हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पंवार और नरेश वेदवान ने बताया कि 16 अगस्त 2015 को छात्रा के पिता ने सिंघावली अहीर थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि कक्षा नौ में पढ़ने वाली उसकी बेटी घर से लापता हो गई। गांव वालों से पूछताछ के बाद नूरहसन और मोमीन के खिलाफ नाबालिग बेटी का अपहरण करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने छात्रा को बरामद कर आरोपियों को जेल भेज दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पॉक्सो में हुई। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश संजीव कुमार ने नूरहसन और मोमीन पर मंगलवार को दोषसिद्ध कर दिया। बुधवार को सुनवाई होने पर न्यायाधीश ने अपहरणकर्ता मोमीन को पांच साल की सजा सुनाई और दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह की सजा बढ़ाने के आदेश दिये। दुष्कर्मी नूरहसन को दस साल की सजा और बीस हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर छह माह की सजा बढ़ाने के आदेश दिए।