बागपत के बड़ौत में गोली लगने से घायल छात्र के परिजनों को कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों को शिकायत करना महंगा पड़ गया। पुलिस ने इस मामले में एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया और उल्टे घायल छात्र को कुकर्म के प्रयास में जेल भेज दिया। परिजन अब आला पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों में चक्कर काट रहे हैं।
20 अप्रैल को नेहरू रोड पर वरुण पुत्र हर्षवर्धन निवासी न्यू रामनगर पर बाइक सवार तीन युवकों ने उस समय अंधाधुंध गोलियां चलाई थी, जब वह बाजार से अपने घर जा रहा था। गोलियों की आवाज से नेहरू रोड पर दहशत फैल गई थी और लोग घरों में जा घुसे थे। एक गोली हाथ में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में अक्षय, सहवाग समेत तीन को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जब पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो उसके पिता हर्षवर्धन ने एसपी को शिकायत की थी।
एसपी को शिकायत करना ही उन्हें महंगा पड गया। बुधवार को पुलिस ने बयान दर्ज कराने के नाम पर घायल वरुण को कोतवाली बुलाया और फिर उसे कुकर्म करने के प्रयास की धाराओं में गिरफ्तार दर्शा दिया। जबकि इस मामले में उसके परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी। छात्र के पिता हर्षवर्धन ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों से पैसे लेकर उसके बेटे को झूठा फंसाया है।
इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे। इस संबंध में सीओ सीपी सिंह ने बताया छह अप्रैल को क्षेत्र निवासी सुभाष ने वरुण के खिलाफ कुकर्म करने के प्रयास की रिपोर्ट कराई थी। इसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। जब उनसे पूछा गया कि जब पर हमला करने वाले आरोपियों को अभी तक क्यों नहीं पकड़ा गया? उन्होंने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के पुलिस प्रयास कर रही है।