बागपत। पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट चलन के बाहर होने के बाद पहली बार बैंक खुले। नोट बदलने और जमा करने के लिए बैंकों के बाहर लंबी कतारें लग गई। कई जगह धक्का-मुक्की तक हुई। बैंकों में पुलिस तैनात रही। एसपी पूनम ने कई बैंक शाखाओं में चेकिंग की। पुलिस को मुस्तैदी के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को सुबह करीब आठ बजे से ही लोग बैंकों के बाहर कतारबद्ध खड़े होने शुरू हो गए । नोट बदलने और बैंकों में जाम करने के लिए जिलेभर की करीब 137 शाखाओं में भीड़ रही। बैंक अधिकारियों ने लोगों को नोट एक्सचेंज की स्लिप, आईडी के विषय में बताया। बैंकों में शाम करीब साढ़े सात बजे तक लोगों की भीड़ रही। बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, अमीनगर सराय, चांदीनगर समेत देहात के सभी बैंकों में मारामारी का माहौल रहा। कई बार व्यवस्था बिगड़ती दिखी, जिस कारण पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। आईडी लेकर नहीं पहुंचे लोगों को यहां वापस लौटना पड़ा। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों से स्थिति की जानकारी ली।
बाजारों में नहीं लौटी रौनक
बैंक खुले, लेकिन बाजारों में रौनक नहीं लौटी। रजिस्ट्री कार्यालयों में दूसरे दिन भी बैनामे नहीं हुए। इसके अलावा दुकानों पर पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट स्वीकार नहीं किए गए। पर्याप्त नोट उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग शॉपिंग नहीं कर सके। केवल जरूरत के सामान खरीदे गए। दुकानों से ग्राहक वापस लौटे। सर्राफा बाजार में जरूर कुछ रौनक दिखी।
पंप पर नोट छुट्टे नहीं मिले
पेट्रोल पंप पर नोट छुट्टे तो नहीं मिले, लेकिन पूरी कीमत का पेट्रोल जरूर वाहनों में भरा गया। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
आखिर पहुंच गया नया नोट
शहर की कई बैंक शाखाओं में दो हजार और पांच सौ रुपये के नए नोट पहुंच गए। रुपये एक्सचेंज करने गए लोगों को यह दिए गए। नोटों को लेकर लोगों के बीच आकर्षण रहा। नए नोट में स्वच्छ भारत का संदेश दिया। युवाओं के बीच इसे लेकर आकर्षण का माहौल रहा।
इस तरह बदले गए नोट
बैंक खातों में रुपये तो कोई कितने भी जमा कर सकता है, लेकिन एक्सचेंज में सिर्फ चार हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। बैंक में एक स्लिप, अपनी आईडी जमा कर यहां से चार हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है।
आईडी को लेकर रही मारामारी
जिन लोगों को चार हजार से अधिक रुपये चाहिए थे, वह दूसरे लोगों की आईडी लेकर भी पहुंचे। ऐसे में ग्रुप में भी लोगों ने बैंक से रुपये एक्सचेंज कराएं।