खपराना के जंगल में लगाया ट्रैप कैमरा। स्रोत वन अधिकारी।
बड़ौत। खपराना के जंगल में शावक का शव मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मादा तेंदुआ होने की आशंका जताई थी। जहां पर पिछले तीन दिनों से दो ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। मगर, अभी तक मादा तेंदुए की कोई गतिविधि कैद नहीं हुई है। खपराना के जंगल में सोमवार को पांच माह के शावक का शव मिला था। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद संतनगर पौधशाला पर अंतिम संस्कार किया गया था। वन विभाग के अधिकारियाें ने दावा किया था कि शावक की मौत प्राकृतिक हुई है। अधिकारियों के अनुसार शावक के नाखून, दांत सुरक्षित पाए गए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों के सामने जंगल में मादा तेंदुआ होने की संभावना जताई थी। इसको गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने पिछले तीन दिन से जंगल में दो ट्रैप कैमरे लगाए हुए हैं। मगर, अभी तक मादा तेंदुए की कैमरे में दस्तक कैद नहीं हुई है। कैमरों को जंगल में रात के समय लगाया जाता है और दिन में हटा लिया जाता है। अधिकारियों का मानना है कि रात में वन्य जीव अधिक गतिविधियां करते हैं। संवाद