बागपत। दलहनी फसलों में येलो मोजेक (पीला चित्र वर्ण) रोग का खतरा है। रोग लगने पर फसल की पत्तियों पर पीले सुनहरे चकते पाए जाते है और पत्ती पीली पड़ जाती है। समय पर उपचार नहीं होने पर पैदावार घटने की संभावना बढ़ जाती है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि रोग सफेद मक्खी से फैलता है। इससे बचाव के लिए फसल की नियमित निगरानी करने की जरूरत पड़ती है। रोग लगने पर रोग ग्रसित पौधों को उखाड़कर मिट्टी में दबाकर नष्ट कर देना चाहिए। रोग वाहक सफेद मक्खी की रोकथाम के लिए डायमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी अथवा मिथाइल-ओ-डिमेटान 25 प्रतिशत ईसी एक लीटर या इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल की 125 मिली मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर आठ से दस दिन के अंतराल पर छिड़काव करना चाहिए।