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विधेयक तो नेता जाने, किसान को चाहिए फसलों का दाम

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अमर उजाला ब्यूरो
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बागपत/बड़ौत। कृषि विधेयकों पर देशभर में किसान संगठन और विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। आम किसान विधेयक की बारीकियों से दूर है। उसका कहना है कि किसानों को सबसे पहले फसलों का दाम चाहिए। अगर सरकार मुफ्त गेहूं बांटेंगी तो किसानों को वाजिब दाम नहीं मिलेंगे। किसानों को फसलों के वाजिब दाम चाहिए। विधेयक अगर गलत है तो वापस लेना चाहिए।
अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी किसान पवन कुमार अपने खेत की सिंचाई में व्यस्त मिले। कृषि विधेयक का जिक्र करने पर उन्होंने कहा कि किसान को खेती किसानी से फुर्सत नहीं। मीडिया और लोगों के माध्यम से ही जानकारी मिल रही है। बारीकियां तो नेता जानें। किसान को फसलों को दाम मिलना चाहिए। गेहूं मुफ्त में बंटवाया गया तो इसका नुकसान किसान को होगा।
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पोईस गांव के किसान राजवीर का कहना है कि विधेयक के नुकसान फायदे पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। बिचौलिया हट जाएं तो फायदा होगा। सरकार की प्राथमिकता किसान को भुगतान दिलाने की होनी चाहिए। फसलों का वाजिब दाम मिलना चाहिए।
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