सोंदर्यकरण के बाद खेकड़ा में पाठशाला रोड़ पर बने शहीद द्वार पर लगा कारगिल शहीद राजेंद्र सिंह के न
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खेकड़ा। शहीद राजेंद्र सिंह की याद में पाठशाला रोड पर शहीद द्वार बना हुआ है। वर्षों से प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। शहीद की पत्नी ने स्वयं के खर्च पर शहीद द्वार का सुंदरीकरण कराया और प्रशासन पर स्मारक को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
आठ जुलाई 1999 में कारगिल के युद्ध में खेकड़ा के मोहल्ला रामपुर के रहने वाले लांस नायक राजेंद्र सिंह धामा शहीद हुए थे। उनकी याद में खेकड़ा में पाठशाला रोड पर शहीद द्वार बनाया था। वर्षों से शहीद द्वार की ओर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। तत्कालीन विधायक रूप चौधरी ने विधायक निधि से पाठशाला मार्ग पर उनकी याद में शहीद द्वार का निर्माण कराया था। राजेंद्र सिंह की पत्नी मुनेश देवी का आरोप है कि करीब 20 वर्ष से वे ही इस द्वार की देखरेख कर रही हैं। आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर उनको उम्मीद थी कि प्रशासन इसकी देखरेख, मरम्मत कार्य, बोर्ड आदि को नवीनीकरण कराएगा। 15 अगस्त नजदीक आ जाने के बाद भी प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने स्वयं ही अपने खर्च पर शहीद द्वार की मरम्मत कराई है। उन्होने प्रशासन पर शहीद द्वार को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।