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Exclusive: यहां मरीज को नहीं, लैब को 'दवा' की जरूरत, तीन लैबों में जांच कराई, रिपोर्ट तीनों अलग आईं

Mon, 10 Oct 2022 12:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो मुकेश पंवार, अमर उजाला, मेरठ

सार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में तीन अलग अलग लैब में हीमोग्लोबिन की जांच रिपोर्ट देखकर रोगी, उसके तीमारदारों के साथ साथ चिकित्सक भी चकरा गए हैं। दरअसल यहां तीन लैब से कराई गई जांच रिपोर्ट में मरीज की हीमोग्लोबिन की मात्रा भी अलग अलग आई है।  
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हीमोग्लोबिन जांच रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीमारी की पहचान और उसके इलाज के लिए चिकित्सकों को जांच रिपोर्ट का इंतजार रहता है, लेकिन जब जांच रिपोर्ट ही सही नहीं हो तो कैसे सही इलाज होगा। बड़ौत में रामबाग कॉलोनी निवासी सुरेंद्र सिंह ने चिकित्सक की सलाह हीमोग्लोबिन की जांच कराई। एक नहीं तीन लैब से जांच कराई, तीनों की ही रिपोर्ट अलग-अलग आई है। चिकित्सकों के सामने भी सवाल है कि किस रिपोर्ट को सही मानें।
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दरअसल, सुरेंद्र सिंह की एक माह पूर्व अचानक तबीयत खराब हो गई। वह मेरठ में अपने परिचित चिकित्सक के पास पहुंचे तो उन्होंने खून की जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने सात अक्तूबर को बड़ौत की एक प्रमुख लैब से जांच कराई तो उनका हीमोग्लोबिन स्तर 18.2 ग्राम था। रिपोर्ट देख चिकित्सक ने दूसरी लैब से जांच कराने के लिए कहा। उन्होंने एक दूसरी लैब से जांच कराई तो खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा 16.6 ग्राम बताई। एक बार फिर टेस्ट करवाया गया तो उसकी रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन का स्तर 17.1 था। तीन निजी लैब की तीन अलग-अलग रिपोर्ट देखकर डाक्टर भी हैरान रह गए। इन रिपोर्ट से नगर में निजी लैब की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। हैं।

अनुभव और अनुमान से ही करेंगे इलाज
एक ही बीमारी के लिए किए गए टेस्ट की रिपोर्ट अलग आने से मरीज और उनके परिजन जहां परेशान है और इस सोच में है कि सही रिपोर्ट कौन सी मानी जाए। एऐसे हालात में डाक्टर भी अपने अनुभव और अनुमान के गठजोड़ के बाद ही इलाज की दिशा तय करेंगे।
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हीमोग्लोबिन जांच रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
ये होनी चाहिए हीमोग्लोबिन की मात्रा
मैनावती अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा दिनेश बंसल का कहना है कि पुरुषों में हीमोग्लोबिन का स्तर 12 से 15.5 ग्राम तक होना चाहिए और महिलाओं के शरीर में 12.0 से 15.0 ग्राम मात्रा होनी चाहिए। कम या अधिक बीमारी के संकेत हैं।

ये बोले सीएमओ 
इस संबंध में जब सीएमओ डा दिनेश कुमार का कहना है कि यदि ऐसी रिपोर्ट आई है तो मामला गंभीर है। निजी लैब में हुए टेस्ट रिपोर्ट में इस प्रकार भिन्नता मरीज के उपचार को प्रभावित कर सकती है और कई बार लापरवाही से मरीज की जान पर खतरा तक बन जाता है। बताया कि शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।

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हीमोग्लोबिन जांच रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट सटीक होने का दावा कर रहे लैब संचालक
गांधी रोड स्थित डॉ. लाल पैथलैब में सुरेंद्र की हीमोग्लोबिन जांच 16.60 आई। इस संबंध में लैब में काम करने वाले दीपक ने बताया कि हर मशीनों की अपनी अलग-अलग वूैल्य होती है। हम जांच मेरठ व दिल्ली कराते हैं। हमारी लैब में हुई जांच बिल्कुल सही है। इसलिए मरीज को घबराने की जरूरत नहीं है।

रिपोर्ट सही है मरीज ज्यादा पानी पीएं
डॉ. शशिकांत शर्मा पैथोलॉजी में स्वयं की जाती है। मरीज की हीमोग्लोबिन जांच रिपोर्ट 17.1 आई है। इस संबंध में लैब से जुडे़ डॉ. आशुतोष का कहना है कि हीमोग्लोबिन की 16.6 व 17.1 में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों लगभग समान हैं। हमारी रिपोर्ट बिल्कुल सही है। उन्होंने मरीज सुरेंद्र को अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी है।

जांच में कोई कमी नहीं
पैथ काइंड पैथोलॉजी में सुरेंद्र की हीमोग्लोबिन जांच 18.2 आई। इस संबंध में पैथ काइंड के बड़ौत स्थित कलेक्शन सेंटर से जुड़े सचिन का कहना है कि हम नमूनों की जांच मेरठ कराते हैं। सुरेंद्र का सैंपल दो बार मशीन में रन कराया, लेकिन दोनों बार 18.2 आया है। यदि फिर भी मरीज को कोई दिक्कत है, तो वह दोबारा से हमारे यहां जांच करा सकता है।
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