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सुगंध दशमी पर मंदिरों में भक्तों ने धूप चढ़ाई

Mon, 12 Sep 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
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बड़ौत के बड़ा जैन मंदिर में विधान में पूजा अर्चना करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। दशलक्षण पर्व पर नगर में जैन अनुयायियों ने सुगंध दशमी का पर्व उत्साह पूर्वक मनाया। जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से धूप चढ़ाकर अपने कर्मों का क्षय किया।
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जैन अनुयायियों ने सुगंध दशमी पर्व पर व्रत रखकर पुण्य लाभ कमाया और नगर के बड़ा जैन मंदिर, छोटा जैन मंदिर, अतिथि भवन, अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर, शांतिनाथ मंदिर समेत अन्य मंदिरों में धूप चढ़ाकर अपने कर्मों का क्षय किया। सुबह से शाम तक ही जैन श्रद्धालु समूह बनाकर भगवान की भक्ति में नृत्य करते  बैंडबाजों के साथ मंदिरों में धूप चढ़ाने पहुंच रहे थे और मंदिरों में खुलकर दान भी दे रहे थे।

रात्रि में दिगंबर जैन अतिथि भवन में गुरू भक्ति का विशेष कार्यक्रम विहर्ष सागर महाराज के सानिध्य में हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने भजन प्रस्तुत किए और धार्मिक भजनों पर नृत्य भी किया। अजितनाथ मंदिर में भी विशेष पूजा अर्चना की।
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दूसरी तरफ दशलक्षण पर्व के छठे दिन जैन अनुयायियों ने उत्तम तप धर्म को अंगीकार कर विशेष पूजा-अर्चना की। वहीं बड़ा जैन मंदिर में युवा मंच के तत्वावधान में चल रहे तेरह द्वीप महामंडल विधान में विहर्ष सागर महाराज के संसघ सानिध्य में पंडित नरेश चंद जैन शास्त्री के निर्देशन में भगवान चंद्रप्रभु का अभिषेक किया।

इसके बाद संगीत की मधुर धुनों के बीच नित्य नियम और दशलक्षण धर्म की पूजा की। इसके बाद तेरह द्वीप महामंडल विधान में दक्षिण दिया, भरत क्षेत्र, रूपांचल पर जिन मंदिर पूजा, उत्तर दिशा ऐरावत क्षेत्र दक्षिण उत्तर दिया, षटकुलांचल पर धातु की द्वीप आदि की 10 पूजा कीं । दिगंबर जैन अतिथि भवन में भी तत्वार्थ सूत्र की वाचना मुनि विहर्ष सागर महाराज ने की। छोटा जैन मंदिर में भी विशेष पूजा की। दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया।

इसमें छोटे-छोटे बच्चों ने धार्मिक भजनों पर नृत्य किए । छोटा जैन मंदिर में महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। दिगंबर जैन अतिथि भवन में खुलजा सिमसिम नामक प्रस्तुत किया। इसमें सुनील जैन, सतीश सतीश जैन, अतुल जैन, संदीप जैन, आनंद जैन, विशाल जैन, राजेश, नरेंद्र जैन, मनोज जैन, सुरेंद्र जैन, योगेश जैन, सुनील जैन, सुरेश जैन, प्रदीप जैन, आलोक मित्तल आदि रहे।


उधर,  अतिथि भवन में धर्मसभा में उत्तम संयम धर्म पर बोलते विहर्ष सागर महाराज ने कहा संयम जीवन को दिशा प्रदान करता है। संयम के अभाव में इंद्रियां अनेक प्रकार की अलग-अलग मांग करती है। जहां स्पर्श इंद्री गद्दे मांगती है तो रशना इंद्री स्वाद चाहती है। जब इंद्रियों की अलग-अलग मांगों की पूर्ति इंसान करने लगता है, तब वह इंद्रियों का गुलाम बन जाता है। जीभ को अपनी सच्ची पहचान कर इंद्रियों का गुलाम नहीं बल्कि इंद्रियों को अपना गुलाम बनाने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा जितना यत्न पूर्वक और भक्तिवश कार्य किया जाता है, उतना ही सुख आता है। प्रत्येक कार्य को होश पूर्वक करने से गिरने के चांस कम आते हैं। धर्मसभा में विहसंत सागर और विजयेश सागर महाराज ने भी विचार रखे। संचालन आरके जैन ने किया। इसमें संदीप जैन ने भजन प्रस्तुत किए।

बागपत में दशलक्षण विधान के अंतर्गत रविवार को सुगंध दशमी का पर्व धूमधाम से मनाया । श्रद्धालुओं ने उत्तम संयम धर्म की पूजा की। जैन साध्वी ने कहा कि संयम रहित जीवन दीमक लगे पेड़ के समान है, जो जल्द धराशायी हो जाता है। 

दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण विधान में रविवार को विधानाचार्य सतीश शास्त्री ने श्री जी का अभिषेक के बाद शांति धारा कार्यक्रम कराया। विधान में श्रद्धालुओं को उत्तम संयम धर्म की पूजा अर्चना के साथ सुगंध दशमी की कथा सुनाई गई। साध्वी आर्यिका कीर्तिमति माता ने कहा मनुष्य के जीवन में योग और भोग दो मार्ग होते हैं। जब मनुष्य धर्म के साथ संयम से जुड़ जाता है, तब उसकी यात्रा जगदीश्वर की हो जाती है। आज संयम का दिन है, नर से नारायण बनने की यात्रा का शुभारंभ करें। 

विधानाचार्य सतीश शास्त्री ने कहा संयम जीवन का संगीत, परम आनंद और आत्मा का सौंदर्य है। जिस क्षण संयम आ जाता है उसी क्षण मानसिक शांति भी मिल जाती है। मुन्ना लाल एंक्लेव स्थित चंद्रप्रभु मंदिर में सामूहिक धूप खेने का कार्यक्रम हुआ। इसमें सुधीर जैन, प्रहलाद जैन, आनंद जैन, प्रमोद जैन, पवन जैन, ललित जैन, अभिषेक जैन, राकेश मित्तल, शिखर चंद जैन, संदीप जैन मौजूद रहे। 

अमीनगर सराय में श्री जय अंबे शाकंभरी देवी साइकिल यात्रा संघ ने श्री दुर्गा मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की। चेयरमैन डॉ. मांगेराम यादव और अन्य गणमान्य लोगों ने पूजा अर्चना की।  श्रद्धालुओं ने पदयात्रा संघ के प्रयास की सराहना की। इसके बाद मंदिर से मां दुर्गा की प्रतिमा को साइकिल पर रखकर चेयरमैन और यज्ञ दत्त शर्मा ने यात्रा का शुभारंभ किया।  शोभायात्रा में बैंडबाजे और डीजे शामिल रहा।  श्रद्धालुओं ने नृत्य कर किया। यात्रा शीलचंद इंटर कॉलेज पर समाप्त हुई। नीटू मित्तल, फेरूमल, संजय मित्तल, दीपक जिंदल, मोनू गर्ग, राहुल शर्मा, आशु शर्मा, हरिओम पांचाल, देवेंद्र गुप्ता, राहुल पराशर, अनिल, धीरज, सुदेश थे।
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