जिला अस्पताल में निरीक्षण करते निवेश आयुक्त अमित मोहन प्रसाद।
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आयुक्त (निवेश) और जिले के नोडल अधिकारी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। भर्ती मरीजों से हालचाल पूछा। उन्होंने कहा जच्चा-बच्चा को 48 घंटे अस्पताल में रोकने के बाद एंबुलेंस से उनके घर छोड़ें। अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कर उपचार कराने को कहा।
बुधवार को निवेश आयुक्त अमित मोहन प्रसाद ने डीएम ह्दय शंकर तिवारी के साथ जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा शासन ने जनता को फ्री दवा, एंबुलेंस सेवा, एक वर्ष तक के बच्चे एवं गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन, जांच और इलाज की सुविधा दी हैं। उन्होंने कहा चिकित्सक मरीजों के साथ नम्र व्यवहार करें।
इसके बाद एनआरसी में पहुंचे। वहां उन्हें नौ बच्चे भर्ती मिले। उन्होंने कहा स्टाफ अति कुपोषित बच्चे को भर्ती कर सही उपचार करें और बच्चों की मां के लिए भी खाने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा ब्लड बैंक में हर समय 50 यूनिट खून रखा जाए । उन्होंने औषधि कक्ष का निरीक्षण कर दवा के बारे में जानकारी ली। निवेश आयुक्त ने हर प्रसूता को 48 घंटे चिकित्सकों की देखरेख में रखने और जननी सुरक्षा योजना का पैसा उनके खातों में भेजने के निर्देश दिए।
डीएम ह्दय शंकर तिवारी, सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार मिश्रा, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
अव्यवस्थाएं रहीं हावी
पिलाना। ग्रामीणों ने कहा फरियादियों को निवेश आयुक्त से नहीं मिलने दिया गया। बरामदे में अधिकारी बैठ गए, लेकिन बरसात शुरू होते ही ग्रामीणों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। ग्रामीणों ने हंगामा किया। अधिकारियों ने एकाएक ही सभा का समापन कर दिया।