संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय। परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव सरस्वती ने कहा कि धर्म के रास्ते पर चलकर ही मानव का कल्याण संभव है। सत्य धर्म का पालन करते हुए ईश्वर की भक्ति से ही परम सुख की प्राप्ति हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इंसान के दो रूप शैतान या भगवान होता है। मनुष्य धर्म का कार्य करता है तो भगवान और अधर्म पर चलेगा तो शैतान बन जाएगा। उन्होंने सुदामा और उद्धव का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा पर कृपा कर समृद्ध बनाया। उन्होंने कहा कि मानव को अपना कल्याण करना है तो श्रीमद भागवत की कथा का श्रवण करने से ही मानव का कल्याण संभव है। महर्षि सुकदेव ने राजा परिक्षित को अपने पुरखों का उद्धार करने के लिए श्रीमद भागवत की कथा सुनाई। इस मौके पर मुख्य यजमान विनोद यादव, चेयरमैन सुनीता मलिक, मोहित भारद्धाज, ललित यादव, दीनानाथ पाठक, सत्यवती देवी, विमला देवी, रुचि शर्मा, बाला यादव, कमलेश कंसल, शौरभ कंसल नितिन भारद्वाज, शंकर शर्मा, दीनदयाल मिश्रा, कौशल शर्मा मौजूद रहे।