बागपत। गन्ना मिलें चीनी बेचकर मिलने वाली राशि का डायवर्जन नही कर सकेंगी। चीनी मिलों को महीने में दो बार स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर चीनी के स्टॉक का ब्योरा अपलोड करना होगा। स्टॉक अपडेट नहीं करने पर गन्ना विभाग की ओर से मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिले में गन्ना समितियों में एक लाख 24 हजार किसान पंजीकृत हैं। जिले के किसान बागपत की तीन चीनी मिलों के अलावा, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर की 12 चीनी मिलों को गन्ने की सप्लाई करते हैं। गन्ना सप्लाई के 14 दिन के अंदर गन्ना बकाया का भुगतान करने का प्रावधान होने के बाद भी किसानों को समय पर भुगतान नहीं किया जाता। जिले के किसानों का चीनी मिलों पर 500 करोड़ रुपये का बकाया शेष है।
मिल चीनी बेचकर मिलने वाली धनराशि का इस्तेमाल किसानों को भुगतान में करने के बजाए अन्य मदों में खर्च कर लेती हैं और भुगतान नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। चीनी मिलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए मिलों को स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर गोदामों में रखी चीनी के स्टॉक का विवरण अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। चीनी मिल महीने में दो बार पोर्टल पर चीनी के स्टॉक अपडेट करेंगी। स्टॉक अपडेट नहीं करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ गन्ना विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
शुगर मिलों को महीने में दो बार स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर चीनी के स्टॉक का विवरण दर्ज करना होगा। मिल चीनी बेचकर धनराशि का दूसरे मदों में प्रयोग नहीं सकेंगी, जिससे किसानों के बकाया का भुगतान समय से होगा। - डॉ. अनिल कुमार भारती, जिला गन्ना अधिकारी।