बागपत। स्वच्छ भारत मिशन समेत अन्य विकास कार्यों के लिए भेजा गया करोड़ों रुपये का बजट ग्राम पंचायतें दबाकर बैठ गई। डीपीआरओ ने जिले की 42 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि वित्तीय वर्ष के समाप्त होने पर विकास कार्य का बजट वापस गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 में ग्राम पंचायतों का चयन किया गया, जिसमें 42 ग्राम पंचायतों को 11 करोड़ रुपये से अधिक बजट आवंटित किया गया था। ग्राम पंचायतोंं ने शत प्रतिशत बजट खर्च नहीं किया, जिसके चलते 31 मार्च को वित्तीय सत्र समाप्त होने पर शेष बजट शासन को वापस भेजा जाएगा। इसके चलते डीपीआरओ ने बजट खर्च नहीं करने वाली ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया तो पता चला कि उनके खातों में तीन करोड़ 15 लाख रुपये बजट शेष है। इसके खर्च नहीं होने पर ग्राम पंचायत सचिवोंं को कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
इन ग्राम पंचायतों में खर्च नहीं हुआ बजट
जिला पंचायत राज विभाग के अनुसार राजपुर खामपुर, आरिफपुर खेड़ी, लोयन, सिसाना, अशरफाबाद थल, कासिमपुर खेड़ी, कंडेरा, शाहपुर बड़ौली, लुहावरी, बुढेड़ा, फतेहपुर पुट्ठी, दौझा, शिकोहपुर, ट्योढ़ी, सरूरपुरकलां, मीतली, फैजपुर निनाना, सुल्तानपुर हटाना, नौरोजपुर गुर्जर, मलकपुर, सिनौली, लोहड्डा, वाजिदपुर, महावतपुर, बडावद, गुराना, ढिकाना, जोनमाना, किशनपुर, बराल, बावली, बली, ग्यासरी उर्फ गाधी, धनौरा सिल्वरनगर, ग्वालीखेड़ा, अहैड़ा, गौरीपुर जवाहरनगर, नैथला, निवाड़ा, बिजरौल, हिलवाड़ी, शबगा गांव शामिल है।
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स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 का बजट खर्च नहीं होने पर ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किया है। शत प्रतिशत बजट खर्च नहीं करने वाले सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अरुण अत्री, डीपीआरओ।