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शुगर मिल में किसानों का हंगामा

Wed, 25 Jan 2017 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बागपत शुगर मिल में - फोटो : amar ujala
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बागपत। शुगर मिल में गन्ना किसानों ने घटतौली का आरोप लगाकर हंगामा किया। मिल कर्मचारियों पर एक से दो क्विंटल के बीच गन्ना काटने का आरोप लगाया। व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो मेरठ-बागपत मार्ग को जाम करने की चेतावनी दी। 
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गन्ना क्रय केंद्रों पर आए दिन हंगामा और प्रदर्शन तो होना आम बात है, लेकिन मंगलवार को गन्ना शुगर मिल के कर्मचारियों पर ही घटतौली का आरोप लगाया। इसे लेकर किसानों ने हंगामा किया। इस दौरान मिल कर्मियों के साथ नोकझोंक हुई। किसानों ने बताया अपने गन्ने को प्राइवेट कांटे पर तुलवाने के बाद में मिल में लेकर कांटे पर लेकर जाते हैं, जहां पर एक से दो क्विंटल के बीच घटतौली कर देते हैं। किसानों ने बताया कांटे की पर्ची भी उन्हें दिखाई जाती है, लेकिन उसके बाद भी गन्ना कम तौला जा रहा है। प्रत्येक किसान को आठ सौ से एक हजार रुपये तक का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मिल प्रशासन ने आज तक कांटे की जांच नहीं की, इससे कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं।  व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो मेरठ-बागपत मार्ग को जाम किया जाएगा, इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। किसानों का हंगामा बढ़ा तो सीसीओ ब्रह्म प्रकाश मौके पर पहुंचे। कांटे को सही प्रकार से देखा।  इस दौरान नरेंद्र, प्रशांत, राहुल, पंकज, यशवीर, गोलू, काला, पवन, यशपाल, बालेश्वर, उदयवीर, राहुल, दीपक मौजूद रहे। 

गन्ने का हिसाब नहीं करने का आरोप लगाया 
दोघट। तवेला गढ़ी गांव में खतौली चीनी मिल के तौल लिपिक पर किसानों ने सैकड़ों कुंतल गन्ने का हिसाब नहीं करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि तौल लिपिक ने गन्ना तौलने आए किसानों से कहा उसकी मशीन खराब हो गई। रसीद नहीं निकल रही है। लिपिक ने सात सौ क्विंटल गन्ना तौल लिया और हाथ से पर्ची बनाकर किसानों को दे दी। इसके बाद लिपिक का तबादला हो गया। किसानों ने तौल लिपिक से ली पर्ची के बारे में जानकारी की तो उन्हें पता चला पर्चियां फर्जी है। किसान सुंदर लाल, सतेंद्र, जयवीर, देवपाल, बिट्टू आदि ने कहा यदि तौल लिपिक ने उनके गन्ना भुगतान नहीं किया तो उसके खिलाफ केस दर्ज कराएंगे। क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल पंवार ने कहा किसानों की शिकायत की जांच कराई जा रही है।
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कम इंडेंट आने से किसान परेशान 
दोघट। निरपुड़ा गांव में हुई बैठक में गन्ना समिति द्वारा कम इंडेंट भेजने और चीनी मिलों द्वारा गन्ना भुगतान न करने को लेकर किसानों में रोष जताया और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
किसान संजीव राणा ने कहा कि किसानों के खेतों में अभी आधे से अधिक गन्ना खड़ा है। जबकि, मिल चले तीन माह बीत चुके हैं। गन्ना समिति कम इंडेंट भेज रही है। इस कारण 40 प्रतिशत किसानों की गेहूं की बुवाई नहीं हो पाई है। यदि इसी तरह से इंडेंट आता रहा तो इस बार गन्ना गर्मी में जाएगा। उन्होंने कहा कि चीनी मिल गन्ने का भुगतान भी नहीं कर रही है। जिस कारण किसान आर्थिक तंगी झेल रहा है। मिल चलने से पहले तय हुआ था कि 15 दिन में गन्ने का भुगतान किया जाएगा। इसको लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। बैठक में चेतावनी दी गई कि इंडेंट सही तरीके से नहीं भेजा गया और गन्ना भुगतान शीघ्र नहीं किया तो किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। बैठक में हरि किशन, राजपाल, सुधीर, ब्रजेश, रामवीर, धीरज, सुलतान, ब्रह्म सिंह, सुरेंद्र, नाहर सिंह आदि उपस्थित रहे।

भैंसाना मिल नहीं कर रही गन्ने का भुगतान 
दोघट। दाहा गांव में चौगामा किसान क्लब की बैठक हुई। इसमें भैंसाना चीनी मिल द्वारा गन्ना भुगतान न करने पर किसानों ने आक्रोश जताया। इस संबंध में 29 जनवरी को पूरे क्षेत्र की महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया। किसानों का आरोप है कि भैंसाना चीनी मिल चौगामा क्षेत्र के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। यहां के किसानों का शोषण किया जा रहा है। इसके कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो चौगामा क्षेत्र का किसान भैंसाना चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्रों को बंद करा देगा और एक भी गन्ना मिल को नहीं देगा। जो बाहर से गन्ना मिल में आ रहा है, उसे रोड जाम कर रोक दिया जाएगा। 29 जनवरी को चौगामा क्षेत्र के किसानों की महा पंचायत बुलाई जाएगी। संचालन किसान क्लब के अध्यक्ष देवेंद्र राणा ने किया। इसमें सुभाष बिलाती, नरेंद्र राणा, भीष्म, सुदेश, कृष्णपाल, ओमपाल, महक सिंह, रविंद्र राणा उपस्थित रहे। 
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