हलालपुर में सुदेश की हत्या बड़ी बेरहमी से की गई। उसके परिजनों के मुताबिक सुदेश के हाथ रस्सियों से बांधकर उसे घसीटकर मवेशियों के कमरे में लाकर खूंटे से बांधा गया फिर मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया और दरवाजा बाहर से बंद कर भाग गए।
सुदेश के तहेरे भाई श्रवण ने बताया कि शुक्रवार को जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्हें वहां प्लास्टिक की रस्सी और खूंटा जला हुआ मिला। मिट्टी के तेल की बदबू आ रही थी और घसीटे जाने के निशान भी मिले। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने सुदेश के हाथ और पैर रस्सी से बांधे और उसे घसीटते हुए मवेशियों के कमरे में ले गए।
वहां मवेशियों के खूंटे से बांधकर उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इसके बाद कमरा बाहर से बंद कर भाग गए। धुआं उठते देख आसपास रहने वालों ने शोर मचाकर दरवाजे खोले लेकिन जब तक सुरेश की मौत हो चुकी थी। भाई का आरोप है कि पड़ोसियों ने ही उन्हें इस घटना की जानकारी दी थी।
जेठानी की भी ले चुके हैं बलि
छपरौली। सुदेश के भाई श्रवण का आरोप है कि इस परिवार ने यह पहली घटना नहीं की है। सुदेश की हत्या के आरोपी निरंजन ने अपने परिजनों के साथ मिलकर करीब 30 साल पूर्व अपनी पत्नी यानी सुदेश की जेठानी की भी हत्या कर दी थी, लेकिन उस समय उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज नहीं हुआ था। जिस कारण यह लोग बच गए थे, लेकिन अब वह उन्हें फांसी के फंदे तक पहुंचाकर ही दम लेगा ताकि फिर किसी के साथ यह ऐसा न कर सके ।