टूटी सड़कें और गलियों में भरा पानी। यह हाल हैं भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के गोद लिए गए जनपद के गांव पलड़ी का। गांव के तालाबों पर कुछ लोगों के अतिक्रमण करने और शासनादेश के बाद भी तालाबों की सफाई नहीं होने के कारण जल निकासी की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। नालियों का पानी तालाबों तक नहीं पहुंच पाता। बरसात के मौसम में यहां बीमारियां फैलने का खतरा है। ग्रामीणों की समस्या हल करने को कोई भी तैयार नहीं है।
जनपद में बरनावा मार्ग पर बसा है करीब छह हजार की आबादी का पलड़ी गांव। करीब 32 सौ वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। बागपत की सियासत में रह-रहकर इस गांव का जिक्र उठता है। कारण है इस गांव का सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने विकास कराने के लिए गोद लिया,। लेकिन धरातल पर विकास की पोल गांव में घुसते ही खुलने लगती है।
नालियों में गंदगी और सड़कों पर जलभराव है। पिछले करीब तीन दशक से गांव के चार तालाबों की सफाई नहीं हुई। कूड़े से गांव के जौहड़ (तालाब) अटे पड़े हैं, इस कारण गांव का पानी अब सड़कों पर बहने की स्थिति खड़ी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाबों की सफाई अगर करा दी जाए तो फिर कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन सफाई कब होगी और कौन कराएगा, यह बात ग्रामीण भी नहीं जानते हैं।
हैंडपंप 76, सिर्फ 14 देते हैं पानी
ग्रामीण यामीन कहते हैं कि पेयजल व्यवस्था के लिए 76 हैंडपंप है, लेकिन सिर्फ 14 ही पानी दे रहे हैं। अधिकारियों से कई बार यहां व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए, लेकिन हालात नहीं सुधरे। अधिकतर घरों में सबमर्सेबिल का चलन बढ़ रहा है, इससे भी परेशानी बढ़ रही है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीण यामीन अहमद, रामपाल सिंह, विक्रम, नूर हसन, ईश्वर सिंह, राकेश और यशपाल ने कहा गांव में बेहतर सड़कें, सफाई व्यवस्था और जलनिकासी होनी चाहिए। घर-घर में पानी पहुंचे, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। समस्याओं का अंबार लगा है।
जिला प्रशासन के अफसर या जन प्रतिनिधि जन समस्याओं को हल कराने में गंभीर नहीं है। समस्य समय पर अफसर और राजनेता गांव में आते हैं और समस्या हल करने का भरोसा दे जाते हैं, लेकिन समस्या हल नहीं होती है। ग्रामीण नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह को भी गांव के हित में गंभीरता से प्रयास करने चाहिए।
सुनिए, क्या कहा ग्राम प्रधान ने
पलड़ी की प्रधान कुसुमलता है। ग्राम प्रधान के पति श्रीपाल कहते हैं कि गांव में काफी समस्याएं हैं। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हुई। काफी समय से तालाबों की सफाई नहीं कराई जा सकी।
इसके अलावा भी गांव में कई अन्य समस्याएं हैं, इनके समाधान के लिए वह समय-समय पर ब्लाक, तहसील और जिला स्तरीय अधिकारियों से मिलते रहे हैं, लेकिन किसी अधिकारी ने समस्याएं हल कराने में गंभीरता नहीं दिखाई। काफी शिकायत करने के बाद भी पानी की टंकी की लिकेज की समस्या का समाधान ही जिला प्रशासन नहीं ढूंढ पा रहा है।