बागपत। जिले में दो महीने बीतने के बाद भी उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है। सत्यापन पूरा नहीं होने से केंद्र शुरू भी नहीं हो पाए हैं, इसके चलते ग्रामीणों ने इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल की दौड़ लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
लोगों को गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र के नए भवनों का निर्माण कराया गया था। एक भवन के निर्माण पर 30.40 लाख रुपये की धनराशि खर्च की गई है। भवन का निर्माण पूरा होने पर डीएम स्तर से पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया था। समिति को भवन निर्माण की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। मगर दो महीने बीतने के बाद भी समिति की जांच रिपोर्ट नहीं आई है, जिससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी बीमारी का इलाज कराने के लिए भी जिला अस्पताल की दौड़ लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इन गांवेां में कराया गया था निर्माण
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गौरीपुर, लोहड्डा, बोपुरा, हजूराबाद गढ़ी, शेरपुर लुहारा, नांगल, मवीकलां और खिंदौड़ा में उपस्वास्थ्य केंद्रों के भवनों का निर्माण कराया गया है।
-गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हो चुका है, मगर अभी तक शुरू नहीं हो पाए है। केंद्र शुरू नहीं होने से इलाज के लिए बड़ौत सीएचसी या फिर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। - बिल्लू, लोहड्डा
-अस्पताल शुरू नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को बीमारी होने पर पिलाना या फिर बागपत जाना पड़ता है। - राजीव, मवींकला
जिले में आठ उपस्वास्थ्य केंद्रों के नए भवनों की जांच चल रही है। समिति की रिपोर्ट के बाद भवन विभाग को हैंडओवर होने पर केंद्रों का संचालन शुरू कराया जाएगा। - डॉ. महावीर सिंह, सीएमओ