बागपत। परिषदीय विद्यालयों में छात्रों को कृषि और बागवानी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिले के 12 उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम के अंतर्गत प्रयोगशाला स्थापित कराई जाएगी। प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए विद्यालयों में टूल किट की खरीदारी की जा रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यालयों को कौशल केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में प्रत्येक ब्लॉक के दो-दो विद्यालयों का चयन किया गया है। विद्यालयों में कृषि एवं बागवानी और घरेलू स्वास्थ्य ट्रेडों की पढ़ाई कराई जाएगी। विद्यालयों में बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। ट्रेडों के लिए टूल किट व अन्य उपकरण के लिए एक विद्यालय को 28770 रुपये का बजट जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम से परिषदीय विद्यालय के बच्चे दक्ष बनेंगे।
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इन विद्यालयों का किया गया है चयन
बागपत ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल गौरीपुर जवाहरनगर, जूनियर हाईस्कूल फतेहपुर पुट्ठी, बड़ौत ब्लॉक में कंपोजिट विद्यालय जलालपुर, कंपोजिट विद्यालय हसनपुर जिवानी, बिनौली ब्लॉक में कंपोजिट विद्यालय फजलपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसली, छपरौली ब्लॉक में कंपोजिट विद्यालय छपरौली, कंपोजिट विद्यालय हलालपुर, खेकड़ा ब्लॉक में उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर दो खेकड़ा, जूनियर हाईस्कूल गौना, पिलाना ब्लॉक में कंपोजिट विद्यालय घिटौली और कंपोजिट विद्यालय अमीनगर सराय का चयन किया गया है।
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वर्जन -लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में छात्रों को स्कूलों में कृषि एवं बागवानी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यालयों में प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए 28770 रुपये का बजट जारी कर दिया है। - अमित कुमार, जिला समन्वयक