बड़ौत। मलकपुर चीनी में शीरे के टैंक में सफाई करने के दौरान दम घुटने से एक कर्मचारी की मौत व दूसरे कर्मचारी के गंभीर रूप से घायल हो जाने के मामले में देर रात तक किसानों ने मिल में मृतक का शव रखकर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। बुधवार को सूचना पर एसडीएम, सीओ, विधायक व पूर्व विधायक समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे और मिल प्रशासन से वार्ता की। घंटों तक चली वार्ता के बाद मृतक के परिजनों को 11 लाख रुपये देने, घायल के इलाज का खर्च देने का आश्वासन दिया गया, तब जाकर करीब 21 घंटे बाद धरना समाप्त हुआ।
धरने पर बैठे लोगों ने बताया कि बरवाला गांव निवासी दो सगे भाई अनुज व राहुल पुत्र शिव कुमार पिछले चार-पांच सालों से मलकपुर चीनी मिल में संविदा पर काम करते हैं। मंगलवार की रात उन्हें मिल में रखें शीरे के टैंक की सफाई करने के लिए कहा गया। दोनों ने बुधवार सुबह सफाई करने के लिए कहा, लेकिन उन पर दबाव बनाकर रात में ही टैंक की सफाई करने के लिए टैेंक के अंदर भेज दिया। इस दौरान दम घुटने से दोनों बेहोश हो गए। सूचना पर काफी संख्या में कर्मचारी मौके पर पहुंचे और टैंक को कटर के माध्यम से काटकर दोनों को बाहर निकाला और निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सकों ने अनुज को मृत घोषित कर दिया था, जबकि राहुल की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना पर जब प्रशासनिक व मिल प्रशासन के अधिकारी मौैके पर नहीं पहुुंचे, तो आक्रोशित मृतक के परिजनों व ग्रामीणों ने शव को मिल में रखकर हंगामा करते हुए धरना शुरू कर दिया। बुधवार को छपरौली विधायक डाॅ. अजय कुमार, पूर्व विधायक वीरपाल राठी समेत अन्य मौके पर पहुंचे। विधायक डॉ. अजय कुमार ने फोन पर डीएम बागपत से वार्ता की। इसके कुछ देर बाद एसडीएम बड़ौत अमरचंद वर्मा व सीओ सविरत्न गौतम ग्रामीणों के बीच पहुंचे। जहां पर ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब तीन बजे मलकपुर मिल के यूनिट हेड विपिन चौधरी ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को 11 लाख का मुआवजा और घायल के इलाज का खर्च मिल प्रशासन देगा, साथ ही घायल के स्वस्थ होने पर उसे मिल में अच्छी जगह नौकरी दी जाएगी, तब जाकर अधिकारियों व विधायकों की मौजूदगी में समझौता हो गया और ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने गांव जाकर शव का अंतिम संस्कार किया। एसडीएम अमरचंद वर्मा ने बताया कि समझौते के दौरान मिल प्रशासन मृतक के परिजनों को 11 लाख, घायल के इलाज का पूरा खर्च व घायल के ठीक होने पर उसे अच्छी नौकरी देने पर सहमति बनी।