बागपत कलक्ट्रेट स्थित सिंडिकेट बैंक के बाहर लाइन में बैठे लोग
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बागपत। मुश्किलें बरकरार हैं। रुपये जमा करने वालों की संख्या में भले ही कमी आनी शुरू हो गई हो, लेकिन कैश की जरूरत वाले अब भी कतार में लगे हुए हैं। सिंडीकेट, पीएनबी समेत कई बैंकों की शाखाओं में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह हंगामे हुए।
बृहस्पतिवार को सीओ श्वेताभ पांडेय ने स्टेट बैंक, सिंडीकेट बैंक समेत अन्य शाखाओं में दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया। लोगों की शिकायतों का सुना और बैंक अधिकारियों से उनका निवारण करने के लिए कहा। कलक्ट्रेट स्थित सिंडीकेट बैंक में कैश लेने के लिए पहुंचे सिसाना निवासी मोहम्मद अली और निवाड़ा निवासी आदिल धक्का-मुक्की में चोटिल हो गए। यहां कैश का वितरण किया गया। बालैनी में हंगामा हुआ। केनरा बैंक दाहा पर लोगों का कहना था कि उन्हें आरबीआई के नियमों के हिसाब से कैश नहीं मिल रहा है। बैंककर्मी दो-दो हजार रुपये दे रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। बावली गांव के बैंक में कैश खत्म हो जाने पर कई घंटे वितरण नहीं हो सका। प्रभारी एलडीएम डॉ आरपी कन्नौजिया ने बताया कि यहां कैश भेजकर वितरण कराया गया। अग्रवाल मंडी टटीरी, अमीनगर सराय, खेकड़ा और छपरौली में कैश को लेकर मारामारी का माहौल रहा।
एक-एक हजार के नकली नोट
बागपत। शहर के एक बैंक में युवक दो हजार रुपये जमा करने पहुंचा। कैशियर ने जांच की तो रुपये नकली निकले। इस पर युवक बैंक से भाग गया। बैंककर्मियों ने बताया कि युवक एक-एक हजार के दो नोट लेकर पहुंचा था।
शाकाहारी बिरयानी का पे-टीएम से भुगतान
अग्रवाल मंडी टटीरी। बैंक और एटीएम में कैश की दिक्कतों के बीच अब लोगों ने कैशलेस दुकानदारी की पहल तेज कर दी है। कसबे में शाकाहारी बिरयानी की ठेली लगाने वाले युवक ने अपने ग्राहकों से पे-टीएम से भुगतान लिया। इससे उसके सामने आ रही दिक्कतें खत्म हो गई। महनवा गांव निवासी अनुज कुमार ने बताया कि वह टटीरी में मेरठ रोड पर शाकाहारी बिरयानी की ठेली लगाता है। नोटबंदी के पास से उसके पास भी ग्राहकों की संख्या में कमी आई। लोगों के पास रुपये नहीं थे, जिस कारण उसका काम भी प्रभावित हुआ। फिर उसने पे-टीएम से पहल की। दुकानदारी धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। लोगों से अब वह इसी के जरिए रुपये ले रहे हैं।