बागपत। नगर पालिका में दस-दस रुपये के स्टांप पर सैकड़ों लोगों के प्लॉट दर्ज करने की जांच में स्टांप शुल्क चोरी का खुलासा हुआ है। इसके साथ ही उन मकानों को नियम विरुद्ध नगर पालिका में दर्ज किया है। उप निबंधक की जांच में यह पूरा खुलासा हुआ है और उन सभी को नोटिस जारी करके मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
नगर पालिका के रिकार्ड में अपना प्लॉट दर्ज कराने के लिए रजिस्ट्री के कागज जमा कराने होते हैं, जिसमें गाटा नंबर होता है। इसके लिए नगर पालिका में एक हजार रुपये की रसीद भी काटी जाती है। मगर केतीपुरा के बाहरी छोर पर यमुना की तरफ, कब्रिस्तान की जमीन, दलित के पट्टों की जमीन पर प्लॉट काटकर दस-दस रुपये के स्टांप पर बेच दिए गए। उन स्टांप के आधार पर नगर पालिका ने उनको अपने रिकार्ड में दर्ज भी कर लिया।
इस मामले में सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर ने शिकायत की तो प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कराई। इसमें स्टांप चोरी की जांच उप निबंधक शिवशंकर सिंह कर रहे हैं तो मकान दर्ज करने की जांच एडीएम प्रतिपाल चौहान कर रहे हैं। जिसमें उप निबंधक ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें लाखों रुपये की स्टांप शुल्क चोरी होने की बात कही गई है। यह भी साफ हो गया है कि नगर पालिका में नियम विरुद्ध दस-दस रुपये के स्टांप के आधार पर मकानों को रिकार्ड में दर्ज किया है। डीएम राजकमल यादव के अनुसार जांच रिपोर्ट जल्द पूरी हो जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका कर्मियों ने खुद ही लगवाया सरकार को चूना
जिस तरह से स्टांप शुल्क चोरी की बात सामने आ रही है। उससे यह साफ हो गया है कि जहां नगर पालिका कर्मियों ने नियम विरुद्ध मकानों को दर्ज कर लिया। वहीं उन्होंने की सरकार को चूना लगवाया है। क्योंकि जब दस-दस रुपये के स्टांप पर नगर पालिका में मकान दर्ज हो गए तो लोगों को ज्यादा स्टांप लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ी।