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समय पर नहीं हुआ पेड़ों पर कीटनाशक का छिड़काव

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चांदीनगर। देश विदेश में अपनी मिठास के लिए मशहूर रटौल के आम पर भी कोरोना का असर पड़ा है। लॉकडाउन होने के कारण आवाजाही नहीं होने से बागान मालिक पेड़ों पर कीटनाशकों का छिड़काव नहीं कर पाए। इससे मौल खराब होने से फसल को नुकसान हुआ और आम की सप्लाई पर भी असर पड़ा है। बाग मालिकों का कहना है कि लॉकडाउन होने के कारण इस बार फसल में काफी नुकसान हुआ है।
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बागवान ईजाजुल का कहना है कि फसल पर छिड़काव होने वाले कीटनाशक दिल्ली में मिलते हैं। लॉकडाउन होने के कारण आवाजाही बंद रही। कीटनाशक का छिड़काव नहीं होने के कारण मौल खराब हो गया। फल कम आया है, और अब सप्लाई भी कम है।
कादिर का कहना है कि पहले कीटनाशक का छिड़काव न होना और अब सप्लाई कम होने के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र के बाहर आम भेजने में परेशानी हो रही है।
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नीटू चौधरी का कहना है कि कोरोना का असर आम की फसल पर सबसे अधिक पड़ा है। गांव में कोरोना के मरीज मिलने के बाद गांव को सील कर दिया था। फसल की सही देखभाल नही हो पाई। जिससे इस बार काफी नुकसान हुआ है।
बाबू व सलीम का कहना है कि क्षेत्र में लोगों की आवाजाही कम रही है। इस कारण इस बार आम की सप्लाई बाहर कम हो रही है। इससे फसल के अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। दिल्ली या गाजियाबाद का व्यापारी भी डरा हुआ है।
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